जयपुर, 23 फरवरी । राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से रिपोर्ट पेश कर बताने को कहा है कि शहर के विभिन्न थानों में लावारिस पड़े वाहनों के निस्तारण के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। जस्टिस इन्द्रजीत सिंह और जस्टिस रवि चिरानिया की खंडपीठ ने यह आदेश महेश झालानी की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने अतिरिक्त महाधिवक्ता विज्ञान शाह को कहा कि वे मामले में खान विभाग की ओर से पक्ष रख रहे हैं। प्रकरण के त्वरित निस्तारण के लिए वे अन्य विभागों की ओर से भी अदालत में पक्ष रखे।
याचिका में अधिवक्ता सतीश खंडेलवाल ने अदालत को बताया कि प्रदेश के सभी थानों में अरबों रुपए के वाहन कई सालों से जब्त पडे हुए हैं। जबकि सुप्रीम कोर्ट सभी राज्यों को इन वाहनों का तय समय में निस्तारण के आदेश दे चुका है। इसके अलावा पालना नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दे चुका है। याचिका में कहा गया विभिन्न थानों में सालों से खुले में वाहन पड़े हैं। सालों तक लावारिस पड़े रहने के कारण अधिकांश वाहन कबाड़ में तब्दील हो रहे हैं। वहीं बाद में ये वाहन न केवल रोड पर चलने लायक रहते है, बल्कि इनसे दुर्घटनाएं होने का खतरा भी रहता है। याचिका में गुहार की गई है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना में इन वाहनों का तय समय पर निस्तारण करने की व्यवस्था की जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने राज्य सरकार से रिपोर्ट पेश कर शहर के थानों में लावारिस पड़े वाहनों के निस्तारण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है।