नालंदा जिले के उच्च शिक्षण संस्थानों में उठी यूजीसी एक्ट को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग

Share

नालंदा जिले के श्रम कल्याण मैदान गेट के समीप गुरुसहाय लाल जागृति मंच के तत्वावधान में बुधवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों के समर्थन में एक बैठक आयोजित की गई।

बैठक में उच्च शिक्षण संस्थानों में यूजीसी एक्ट को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग उठाई गई। बैठक की अध्यक्षता चंद्रशेखर प्रसाद तथा अतिपिछड़ा/दलित/अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदेव चौधरी ने संयुक्त रूप से की। वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी द्वारा 13 जनवरी 2026 से लागू ‘समानता संवर्धन नियम-2026’ का उद्देश्य कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों व कर्मचारियों के साथ होने वाले जातिगत भेदभाव को समाप्त करना है।

उन्होंने बताया कि नए नियम वर्ष 2012 के पुराने प्रावधानों की जगह ले रहे हैं। संशोधित नियमों में ‘जाति-आधारित भेदभाव’ को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है तथा प्रत्येक शिक्षण संस्थान में शिकायतों के निवारण के लिए एक विशेष सेल या समिति का गठन अनिवार्य किया गया है, ताकि छात्रों को सुरक्षित, सम्मानजनक और भेदभाव-मुक्त शैक्षणिक वातावरण मिल सके।वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा हर वर्ग का अधिकार है और संस्थानों में किसी भी प्रकार का पक्षपात या भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से यूजीसी नियमों को सख्ती से लागू करने, समान शिक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने तथा गरीब और वंचित वर्ग के छात्रों को आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

————-