जयपुर, 08 फ़रवरी । राजधानी जयपुर के परकोटा क्षेत्र में स्थित चांदपोल गेट की सरकारी सब्जी मंडी के पास एक पुरानी दरगाह की छत निर्माण को लेकर रविवार को सियासी तापमान अचानक बढ़ गया। निर्माण कार्य के विरोध और समर्थन में दो विधायकों के आमने-सामने आने से मौके पर नारेबाजी की स्थिति बन गई। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए जयपुर नॉर्थ पुलिस ने अतिरिक्त जाब्ता तैनात कर स्थिति को नियंत्रित किया।
जानकारी के अनुसार रविवार सुबह हवामहल से भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और परकोटा क्षेत्र में चल रहे निर्माण को अवैध बताते हुए इसे रुकवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि चांदपोल सहित अजमेरी गेट और घाटगेट जैसे ऐतिहासिक क्षेत्रों में अवैध निर्माण बढ़ते जा रहे हैं। सरकारी सब्जी मंडी में पहले से 4 बाई 4 का अतिक्रमण है, जिसे बढ़ाकर 400 गज करने का प्रयास किया जा रहा है। प्राचीन परकोटा दीवार को तोड़कर सरिए डालना पुरातत्व के साथ खिलवाड़ है।
इस दौरान सूचना पर स्थानीय किशनपोल विधायक अमीन कागजी भी मौके पर पहुंचे। दोनों विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। अमीन कागजी ने कहा कि निर्माण कार्य 30 जनवरी को जारी वर्क ऑर्डर के तहत हो रहा है और इसमें कोई अवैध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बेवजह विवाद खड़ा कर शहर का माहौल खराब किया जा रहा है।
कागजी ने कहा कि उन्होंने अपने विधायक कोष से 20 लाख रुपए स्वीकृत कर करीब 100 साल पुरानी गुलाब शाह बाबा की दरगाह की छत का निर्माण करवाया है। पहले यहां जर्जर टीन शेड था, जिसे हटाकर पक्की छत बनाई जा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि क्षेत्र में स्थित प्राचीन गणेश मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों के कार्य भी उनके द्वारा कराए गए हैं।
विवाद बढ़ने पर एडिशनल डीसीपी (नॉर्थ) बजरंग सिंह के नेतृत्व में पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। बजरंग सिंह ने बताया कि संजय सर्किल स्थित परकोटा क्षेत्र में एक भवन में छत निर्माण चल रहा है, जिसके लिए नगर निगम की ओर से वर्क ऑर्डर जारी किया गया है। निर्माण को लेकर दो पक्षों में विवाद की सूचना मिली थी। पुलिस ने समझाइश कर दोनों पक्षों को शांत कराया है। वर्क ऑर्डर की वैधता की जांच की जा रही है।
वहीं मौके पर पहुंचे डीसीपी करण शर्मा ने बताया कि चांदपोल गेट के पास स्थित एक पुरानी मजार की छत पर निर्माण कार्य चल रहा था, जिसको लेकर विरोध उत्पन्न हुआ। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए दोनों पक्षों को अलग किया है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गुलाब शाह बाबा की दरगाह करीब 100 साल पुरानी है और इसमें सभी वर्गों की आस्था है। छत निर्माण स्थानीय निवासियों की मांग पर कराया जा रहा है और यह कोई नया या अवैध अतिक्रमण नहीं है।
फिलहाल पुलिस और नगर निगम की ओर से वर्क ऑर्डर और निर्माण की वैधानिक स्थिति की जांच की जा रही है।