आत्मनिर्भर भारत की दिशा में दूरदर्शी और उद्योग हितैषी है केंद्रीय बजट-2026: चैम्बर ऑफ कॉमर्स

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बरेली, 3 फरवरी । केंद्रीय बजट-2026 को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सराहनीय और दूरदर्शी कदम बताते हुए सैन्ट्रल यू0पी0 चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री वेलफेयर एसोसिएशन ने सोमवार रात को होटल मैनोर में “एन ओवरव्यू ऑफ द यूनियन बजट-2026 एंड रिसेंट चेंजेस” विषय पर सेमिनार का आयोजन किया। सेमिनार में शहर के प्रख्यात चार्टर्ड अकाउंटेंट कपिल वैश्य और सीए रविन्द्र अग्रवाल ने बजट के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

संस्था के अध्यक्ष राजीव सिंघल ने कहा कि यह बजट उद्योग और व्यापार जगत के लिए संतुलित, प्रगतिशील और विकास को गति देने वाला है। उन्होंने बताया कि बजट में एमएसएमई, स्टार्टअप, मैन्युफैक्चरिंग, निर्यात और व्यापारिक सुगमता पर विशेष फोकस किया गया है। एमएसएमई सेक्टर के लिए ऋण सुविधाओं को और मजबूत किया गया है, जिससे छोटे उद्योगों को बड़ा संबल मिलेगा।

सचिव अल्पित अग्रवाल ने कहा कि बजट के बाद ऑटोमोबाइल उद्योग में सकारात्मक संकेत देखने को मिलेंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, हरित ऊर्जा और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलने से ऑटो सेक्टर को नई गति मिलेगी। सड़कों, हाईवे और लॉजिस्टिक्स में निवेश से वाहनों और ऑटो कंपोनेंट्स की मांग बढ़ने की संभावना है। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैटरी निर्माण और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्य वक्ता सीए कपिल वैश्य ने कहा कि जीएसटी प्रणाली को सरल, पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल बनाने के लिए अहम कदम उठाए गए हैं। आसान रिटर्न फाइलिंग, त्वरित रिफंड और मजबूत विवाद समाधान से व्यापारियों को राहत मिलेगी। वहीं सीए रविन्द्र अग्रवाल ने बताया कि मैट टैक्स समाप्त कर 14 प्रतिशत कर व्यवस्था लागू की गई है। टीडीएस-टीसीएस दरों में कमी और आयकर प्रावधानों में बदलाव से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा। विशिष्ट अतिथि एसबीआई के मंजीत सिंह ने एमएसएमई को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए बजट को रोजगार सृजन वाला बताया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।