जगदलपुर , 08 फ़रवरी । ब्राह्मण समाज एवं सनातन धर्म से जुड़े विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा नेटफ्लिक्स ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रस्तावित फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ के शीर्षक को लेकर आज रविवार काे जगदलपुर में कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि फिल्म का यह शीर्षक एक संपूर्ण समुदाय की सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है।
इस विरोध के तहत विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा सरयूपारीण ब्राह्मण समाज भवन से शांतिपूर्ण ढंग से रैली निकालकर पुतला दहन किया तथा नारेबाजी के माध्यम से अपना आक्रोश प्रकट किया ।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस प्रकार के आपत्तिजनक शीर्षक समाज में वैमनस्य फैलाने एवं धार्मिक भावनाओं को आहत करने का कार्य करते हैं, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
पुतला दहन के उपरांत एक प्रतिनिधिमंडल कोतवाली थाना, जगदलपुर पहुंचा, जहां फिल्म के निर्माता, निर्देशक एवं निर्माण से जुड़े लोगों के विरुद्ध विधिवत शिकायत प्रस्तुत कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई । शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के अंतर्गत धार्मिक भावनाएं आहत करने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने एवं सामूहिक मानहानि से संबंधित धाराओं में कार्रवाई की मांग की गई है।
हालांकि, पुलिस प्रशासन द्वारा बताया गया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के प्रस्तावित कार्यक्रम के चलते जिले की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारियों को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सलभ कुमार सिन्हा ने मामले के परीक्षण हेतु 24 घंटे का समय मांगा है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि शिकायत की विधिक जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध कला या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के विरुद्ध नहीं है, बल्कि किसी भी समाज या समुदाय को अपमानित करने वाले शब्दों, शीर्षकों एवं कंटेंट के खिलाफ है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस प्रकार के आपत्तिजनक कंटेंट पर रोक नहीं लगाई गई, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा।
इस दाैरान समाज के अनेक वरिष्ठ एवं सम्मानित पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें मनीष शुक्ला (अध्यक्ष, कान्यकुब्ज समाज), दृष्टांत चक्रवर्ती (अध्यक्ष, बंगाली ब्राह्मण समाज), अजय पाठक (अध्यक्ष, मिथिला समाज), आशुतोष द्विवेदी (अध्यक्ष, सरयूपारीण ब्राह्मण समाज), मनीष मुलचंदानी (अध्यक्ष, सिंधी समाज), रमापति दुबे (प्रतिनिधि, पतंजलि समाज), मेडतिया सिंह (प्रतिनिधि, राजपूत समाज), अनिल सामंत (प्रतिनिधि, उत्कल समाज) सहित अन्य समाजों के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।