भोपाल, 28 फ़रवरी । मध्य प्रदेश की राजधानी भाेपाल शहर में जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की। शनिवार को बड़ा तालाब और कलियासोत डैम के किनारे अवैध निर्माण तोड़े गए। इसमें मैरिज गार्डन की बाउंड्रीवॉल, पक्के निर्माण और डेयरियों को जेसीबी की मदद से ध्वस्त किया गया।
बड़ा तालाब के किनारे अवैध निर्माण पर कार्रवाई
बड़ा तालाब के फुल टैंक लेवल (एफटीएल) के दायरे में पिछले 10 साल में पहली बार ऐसी बड़ी कार्रवाई हुई। बैरागढ़ एसडीएम रविशंकर राय और तहसीलदार हर्षविक्रम सिंह ने अमले के साथ 150 मीटर लंबी मैरिज गार्डन की बाउंड्रीवॉल, दो पक्के निर्माण और बेसमेंट तोड़ा। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 28 मार्च तक तालाब किनारे सभी अतिक्रमण लिस्टेड कर उन्हें हटाने का निर्देश दिया था। तीन दिन में बैरागढ़ क्षेत्र में 40 से अधिक निर्माण पर लाल निशान लगाए गए थे।
एफटीएल से 50 मीटर के दायरे में बने सभी निर्माण अवैध
तालाब के शहरी हिस्से में एफटीएल से 50 मीटर की दूरी में 16 मार्च 2022 के बाद बनाए गए निर्माण अवैध माने जाएंगे। ग्रामीण हिस्से में यह दूरी ढाई सौ मीटर है। सर्वे में अब तक 153 झुग्गियां और पक्के निर्माण सामने आए हैं, जिनमें कई रसूखदारों के आलीशान मकान भी शामिल हैं।अधिकारी बताते हैं कि 16 मार्च 2022 को वेटलैंड एक्ट लागू हुआ। इसके बाद एफटीएल के दायरे में बने किसी भी निर्माण को अवैध माना जाएगा। इसके अलावा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के पुराने आदेशों के तहत पुराने अतिक्रमण भी हटाए जाएंगे।
कलियासोत डैम के किनारे अवैध डेयरियों पर कार्रवाई
कलियासोत डैम किनारे भी प्रशासन ने एनजीटी के आदेश के तहत अवैध डेयरियों को हटाया। टीटी नगर तहसीलदार कुणाल राउत की मौजूदगी में राजस्व, नगर निगम और पुलिस ने 9 डेयरियों को जेसीबी की मदद से तोड़ा। सिरपुर गांव में कुल 18 अवैध डेयरियां थीं। प्रशासन ने बताया कि ये सभी अतिक्रमण के दायरे में आती थीं, इसलिए स्थानीय विरोध के बावजूद कार्रवाई जारी रही। तहसीलदार ने बताया कि बाकी 9 डेयरियां भी जल्द हटाई जाएंगी।
प्रशासन ने दी चेतावनी
अधिकारियों ने कहा कि अब कोई भी व्यक्ति एफटीएल के भीतर या तालाब/डैम के आसपास अवैध निर्माण नहीं कर सकता। सांसद अलोक शर्मा और कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह की सख्ती के बाद कार्रवाई तेज की गई है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पुराने और नए अतिक्रमण को हटाने के लिए सर्वे और फील्ड एक्शन लगातार जारी रहेगा।