नई दिल्ली, 19 फरवरी । अडाणी समूह के कार्यकारी निदेशक जीत अडाणी ने गुरुवार को कहा कि भारत को आयात पर निर्भर रहने के बजाय अपना स्वयं का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) बुनियादी ढांचा तैयार करना चाहिए।
‘इंडिया एआई इंपैक्ट समिट’ में जीत अडाणी ने ऊर्जा, कंप्यूट और क्लाउड संप्रभुता को आधुनिक राष्ट्र की नींव बताते हुए देश के लिए हरित ऊर्जा आधारित संप्रभु एआई इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए 100 अरब डॉलर निवेश करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एआई केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि किसी भी देश की ‘राष्ट्रीय संप्रभुता’ को तय करने वाला सबसे बड़ा कारक होगा। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि एआई आने वाले समय में राष्ट्रीय संप्रभुता को नए सिरे से परिभाषित करेगा। जीत अडाणी ने भारत की ‘इंटेलिजेंस सेंचुरी’ (बौद्धिक सदी) का खाका पेश करते हुए संप्रभुता के तीन प्रमुख स्तंभों ऊर्जा, कंप्यूट और क्लाउड, तथा सेवाओं पर जोर दिया।
भारत मंडपम में ‘इंडिया इंपैक्ट समिट’ में उन्होंने कहा कि अपने एआई भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भारत को ऊर्जा और कंप्यूटिंग सेवाओं के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करनी होगी। दिग्गज कारोबारी गौतम अडाणी के छोटे पुत्र के अनुसार ये केवल डेटा सेंटर विस्तार नहीं, बल्कि 5 गीगावाट क्षमता वाले और लगभग 250 अरब डॉलर के एकीकृत ऊर्जा व कंप्यूट इकोसिस्टम की दिशा में बड़ा कदम होगा, जो भारत की ‘इंटेलिजेंस रिवोल्यूशन’ को मजबूती देगा।