जयपुर, 25 जनवरी । वंदे मातरम@150 के द्वितीय चरण में ध्येय वाक्य स्वतंत्रता का मंत्र—वंदे मातरम् एवं “समृद्धि का मंत्र—आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत प्रदेशभर में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला में जवाहर कला केंद्र, जयपुर में रविवार को विशेष सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कला—साहित्य एवं संस्कृति विभाग की संयुक्त सचिव तथा जवाहर कला केंद्र की अतिरिक्त महानिदेशक अनुराधा गोगिया ने बताया कि राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जवाहर कला केन्द्र में रविवार को वंदे मातरम् से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों एवं महत्वपूर्ण जानकारियों पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई। उन्होंने बताया कि जेकेके में आयोजित इस प्रदर्शनी के प्रति दर्शकों में विशेष आकर्षण देखा गया। कार्यक्रम के दौरान युवा कलाकारों,कला प्रेमियों,आगंतुकों एवं जवाहर कला केंद्र के अधिकारियों द्वारा वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया गया। साथ ही सेल्फी प्वाइंट पर युवा एवं वरिष्ठ कलाकारों, विभिन्न कॉलेजों एवं विद्यालयों के विद्यार्थियों तथा जवाहर कला केंद्र के अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। युवाओं एवं विद्यार्थियों की सहभागिता ने कार्यक्रम को गरिमामयी, प्रेरणादायी एवं राष्ट्रीय चेतना से परिपूर्ण बनाया। अनुराधा गोगिया ने बताया कि सेल्फी संग वन्देमातरम से दर्शकों में राष्ट्रीयता का भाव स्पष्ट रूप से नज़र आया।