गणतंत्र दिवस : राज्यपाल ने शिमला में फहराया तिरंगा

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शिमला, 26 जनवरी । हिमाचल प्रदेश में 77वां गणतंत्र दिवस सोमवार को पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। राज्य स्तरीय समारोह शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर आयोजित हुआ, जहां राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिमला मेहर पंवर के नेतृत्व में आयोजित परेड का निरीक्षण किया और 1 जम्मू-कश्मीर बटालियन के लेफ्टिनेंट शाश्वत तिवारी की कमान में हुई भव्य मार्च पास्ट की सलामी ली। समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला भी मौजूद रहीं।

मार्च पास्ट में भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, सशस्त्र सीमा बल, पंजाब पुलिस, हिमाचल प्रदेश पुलिस, होम गार्ड्स, अग्निशमन सेवाएं, डाक विभाग, आपदा प्रबंधन, भूतपूर्व सैनिकों के दल, राष्ट्रीय कैडेट कोर, राष्ट्रीय सेवा योजना और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स सहित विभिन्न टुकड़ियों ने हिस्सा लिया। इन टुकड़ियों ने अनुशासन, एकता और राष्ट्रीय गौरव का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

समारोह के दौरान राज्यपाल ने शिमला जिले की चौपाल तहसील के गगाना गांव निवासी रितिक चौहान को जीवन रक्षा में असाधारण साहस दिखाने के लिए ‘उत्तम जीवन रक्षा पदक’ से सम्मानित किया। इस सम्मान को पाकर समारोह स्थल पर मौजूद लोगों ने तालियों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया।

कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी विभागों की विकासात्मक योजनाओं और उपलब्धियों को दर्शाती रंग-बिरंगी झांकियां भी निकाली गईं, जो दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहीं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को और जीवंत बना दिया। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला के कलाकारों ने जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और उत्तराखंड के लोक नृत्य प्रस्तुत किए। वहीं हिमाचल प्रदेश पुलिस की एकलव्य कला मंच, प्रथम आईआरबीएन बनगढ़, ऊना की टीम ने ‘नशा मुक्त हिमाचल’ विषय पर नुक्कड़ नाटक के जरिए नशे, विशेषकर चिट्टे के दुष्प्रभावों को सरल तरीके से सामने रखा। हमीरपुर और शिमला के कलाकारों की प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों को खूब प्रभावित किया।

इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, विधायक कुलदीप राठौर और मोहन लाल ब्राक्टा, प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान, शिमला नगर निगम के महापौर सुरिंद्र चौहान, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, उप-महापौर उमा कौशल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, सैन्य और पुलिस अधिकारी, वरिष्ठ नागरिक और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए लोग मौजूद रहे। समारोह ने लोकतंत्र, एकता और संविधान के मूल्यों को सम्मान देने का संदेश दिया।