भीलवाड़ा, 25 जनवरी ।रामस्नेही संप्रदाय के संस्थापक एवं आद्याचार्य महाप्रभु स्वामी रामचरण महाराज का 307वां प्राकट्य महोत्सव अखिल भारतीय विजयवर्गीय मेवाड़ महासभा की ओर से श्री रामनिवास धाम, शाहपुरा में 1 फरवरी, रविवार को श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। दो दिनी इस महोत्सव में इस अवसर पर देशभर से विजयवर्गीय समाज के लोग तथा रामस्नेही संप्रदाय के संतगण भाग लेंगे।
रामचरण जी महाराज जयंती संयोजक कैलाश विजयवर्गीय ने पत्रकारों को बताया कि रामस्नेही संप्रदाय के वरिष्ठ संत रामनायण देवास एवं कार्यवाहक भंडारी संत जगवलभ राम की प्रेरणा से यह आयोजन किया जा रहा है। मेवाड़ महासभा अध्यक्ष घनश्याम विजयवर्गीय के नेतृत्व में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित होंगे। कार्यक्रम की शुरुआत 31 जनवरी (शनिवार) को होगी।
उन्होंने बताया कि पहले दिन विजयवर्गीय समाज के युवक-युवतियों का परिचय अधिवेशन आयोजित किया जाएगा। यह अधिवेशन डिजिटल माध्यम से होगा, जिससे देशभर के समाजबंधु आपस में जुड़ सकेंगे। समाज में पारिवारिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में यह अधिवेशन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी दिन रात्रि को रामस्नेही संप्रदाय के पीठाधीश्वर आचार्य श्री रामदयाल जी महाराज के सानिध्य में रात्रि जागरण का आयोजन किया जाएगा। जागरण में भजन-कीर्तन और रामनाम संकीर्तन से वातावरण भक्तिमय रहेगा।
मुख्य आयोजन 1 फरवरी को होगा। इस दिन प्रातःकाल राममेडिया से 398 भोग थालों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा हाथी-घोड़े, बैंड-बाजे, छत्र, चंवर और शाही लवाजमे के साथ रवाना होगी। श्रद्धालु भजन गाते हुए नृत्य करते हुए शोभायात्रा में शामिल होंगे। शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई श्री रामनिवास धाम पहुंचेगी, जहां इसका समापन होगा।
रामनिवास धाम में शोभायात्रा के समापन के बाद विशाल धर्मसभा आयोजित की जाएगी। धर्मसभा में आचार्य श्री रामदयाल जी महाराज के आशीर्वचन होंगे। संतगण रामस्नेही संप्रदाय की परंपरा, महाप्रभु रामचरण जी महाराज के जीवन, तपस्या और उपदेशों पर प्रकाश डालेंगे। धर्मसभा में समाज और धर्म के उत्थान पर भी चर्चा की जाएगी।
आयोजन समिति ने बताया कि इस महोत्सव में विजयवर्गीय समाज के देशभर से समाजबंधु उपस्थित रहेंगे। साथ ही रामस्नेही संप्रदाय के अनेक संत और श्रद्धालु भी कार्यक्रम में भाग लेंगे। आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन कर व्यवस्थाएं संभाली जा रही हैं।
उल्लेखनीय है कि रामस्नेही संप्रदाय के आद्याचार्य महाप्रभु रामचरण जी महाराज द्वारा प्रवर्तित संप्रदाय की मुख्य पीठ श्री रामनिवास धाम, शाहपुरा में ही स्थित है। यही स्थान संप्रदाय की आध्यात्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता है। प्रत्येक वर्ष यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन एवं सत्संग के लिए आते हैं। प्राकट्य महोत्सव के अवसर पर रामनिवास धाम में विशेष सजावट की जाएगी और भक्तों के लिए प्रसाद एवं दर्शन की व्यवस्था रहेगी।
आयोजन समिति ने समाजजनों और श्रद्धालुओं से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। महोत्सव को लेकर शाहपुरा में धार्मिक वातावरण बनने लगा है और नगर में तैयारियां तेज कर दी गई हैं।