सिरसा, 03 जनवरी । सिरसा जिला जेल में वार्डन सुखदेव सिंह का नागरिक अस्पताल में शनिवार को डाक्टरों के एक बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया। परिजनों की मांग पर पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करवाई गई, जिसके बाद परिजन शव लेने के लिए राजी हुए और पुलिस ने राहत की सांस ली। उल्लेखनीय है कि जेल वार्डन ने अपने क्वार्टर में सुसाइड नोट लिखकर जहरीला पदार्थ निगल लिया था, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस ने परिजनों के बयान पर जेल के डीएसपी व लाइन आफिसर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि शनिवार सुबह तक परिजनों ने दोनों की गिरफ्तारी के बाद ही शव का अंतिम संस्कार करने की चेतावनी जिला प्रशासन को दी थी।
सुबह मृतक के परिजन नागरिक अस्तपाल में पहुंचे और सुसाइड नोट में बताए गए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर रोष जताया। परिजनों ने कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, वे शव लेकर नहीं जाएंगे। बाद में डीएसपी राज सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतक के पिता दीप सिंह व बेटे जसपाल से बात की। डीएसपी ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि इस मामले में सुसाइड नोट में जिन अधिकारियों के नाम हैं, उन पर केस दर्ज हो चुका है। केस में एससी-एसटी एक्ट भी लगाया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच होगी। परिवार को पूरा न्याय मिलेगा। इस आश्वसन के बाद परिजन शव लेने पर सहमत हुए तथा पोस्टमार्टम के बाद शव को लेकर फतेहाबाद जिले के गांव हिजरांवा खुद चले गए।
वार्डन ने मरने से पहले दो सुसाइड नोट भी छोड़े, जिसमें उन्होंने डीएसपी व लाइन ऑफिसर आरोप लगाते हुए कहा कि मुझे ड्यूटी लगाने को लेकर इन्होंने मानसिक रूप से प्रताडि़त किया और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का दबाव बनाया। मृतक के बेटे की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस में डीएसपी वरुण कुमार और लाइन ऑफिसर फूल कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। एसपी दीपक सहारण का कहना है कि सुसाइड नोट में जिन अधिकारियों के नाम हैं, उन पर कार्रवाई की जाएगी।