प्रधानमंत्री ने मानसिक शांति और संतोष को बड़ी उपलब्धि बताया

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नई दिल्ली, 27 जनवरी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को संस्कृत भाषा में सुभाषित साझा कर शांति, संतोष, संयम और करुणा के महत्व को समझाया। इस सुभाषित में प्रधानमंत्री ने जीवन में मानसिक शांति और संतोष को सबसे बड़ी उपलब्धि बताया।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर साझा किए सुभाषित में कहा, शान्तितुल्यं तपो नास्ति न सन्तोषात् परं सुखम्। न तृष्णायाः परो व्याधिर्न च धर्मो दयापरः।।

इस सुभाषित का अर्थ है कि शांति से बड़ा कोई तप नहीं है, संतोष से बढ़कर कोई सुख नहीं होता, तृष्णा यानी लालच से बड़ा कोई रोग नहीं है और करुणा से बढ़कर कोई धर्म नहीं माना गया है।