बालिकाओं का सशक्तिकरण ही विकसित भारत की नींव : मंत्री भूरिया

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भोपाल, 23 जनवरी । राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर मध्‍य प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बालिकाएं समाज और राष्ट्र की आधारशिला हैं। उनके शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।

मंत्री भूरिया ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि बालिकाओं को समान अवसर और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना एक सशक्त एवं समावेशी भारत के निर्माण के लिए अनिवार्य है। उन्होंने बाल विवाह, लैंगिक भेदभाव और महिलाओं के विरुद्ध हिंसा जैसी सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए जनजागरूकता एवं सामूहिक सहभागिता की आवश्यकता पर बल दिया। मंत्री भूरिया ने अभिभावकों, शिक्षकों, युवाओं और समाज के प्रत्येक वर्ग से आह्वान किया कि वे बालिकाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें, उनके सपनों को सम्मान दें और उन्हें सुरक्षित, समान एवं उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

जिलो में 22 से 24 जनवरी तक विविध गतिविधियां होगी

जनसंपर्क अधिकारी बिन्दु सुनील ने शुक्रवार को बताया कि बालिकाओं एवं महिलाओं के सशक्तिकरण, जेंडर समानता तथा बाल विवाह रोकथाम को लेकर 22 से 24 जनवरी 2026 तक जिला, परियोजना, विद्यालय, महाविद्यालय एवं ग्राम स्तर पर विविध जागरूकता, संवादात्मक एवं सम्मान समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य किशोरी बालिकाओं एवं युवतियों को शिक्षा, कौशल विकास और कॅरियर मार्गदर्शन के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना तथा समाज में सकारात्मक पुरुष भागीदारी को सुदृढ़ करना है। 22 जनवरी को जिला स्तर पर कौशल विकास विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें किशोरी बालिकाओं को कौशल शिक्षा, STEM विषयों की जानकारी एवं करियर परामर्श प्रदान किया गया। 23 जनवरी को जिला स्तर पर जेंडर समानता एवं सकारात्मक पुरुष भागीदारी विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी दिन ग्राम स्तर पर भी व्यापक जागरूकता गतिविधियाँ संचालित की गईं। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के लिये उपलब्ध हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी गई तथा पंचायत भवनों एवं सार्वजनिक स्थलों पर हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित किए गए। विशेषज्ञ वक्ताओं द्वारा जेंडर संवेदनशीलता, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, वन स्टॉप सेंटर एवं अन्य सहायता सेवाओं की जानकारी प्रदान की गई। सरल एवं प्रभावी संदेशों के माध्यम से ग्रामीण समुदाय को महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।

24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर जिला एवं परियोजना स्तर पर मुख्य समारोह आयोजित किए जाएंगे। जिला स्तरीय कार्यक्रम में बालिकाओं के अधिकार, शिक्षा एवं सशक्तिकरण का उत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया जाएगा, बालिका हितैषी पंचायतों का सम्मान होगा तथा उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त बालिकाओं को पुरस्कृत किया जाएगा। वहीं परियोजना स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में जमीनी स्तर पर कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं सहित बालिका कल्याण के क्षेत्र में योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रमों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ एवं प्रेरणादायी अनुभव साझा किए जाएंगे।

गतिविधियों के आयोजन में महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ-साथ कौशल विकास, शिक्षा, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से कार्यक्रमों को सफल बनाया जा रहा है।