सिंगरौली, 25 जनवरी । मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के जियावन थाना क्षेत्र अंतर्गत चाैकी कुंदवार के ग्राम परसोहर में रविवार दोपहर एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके को गम में डुबो दिया। घरों की पुताई के लिए छुई (पोतने वाली मिट्टी) निकालने गई महिलाओं और बच्चियों पर अचानक मिट्टी धंस गई, जिससे दो बच्चियों समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं।
जानकारी के अनुसार घटना दोपहर करीब 1:21 बजे की बताई जा रही है। गांव की महिलाएं और बालिकाएं खुरपी लेकर छुई निकाल रही थीं, तभी अचानक मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर धंस गया। हादसा इतना अचानक था कि वहां मौजूद पांचों लोग संभल भी नहीं पाए और मिट्टी के नीचे दब गए। मिट्टी धंसते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़ पड़े और बिना समय गंवाए अपने स्तर पर बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणाें ने तुरंत सरपंच और पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
जेसीबी से चला रेस्क्यू, लेकिन तीन को नहीं बचाया जा सका
सूचना मिलते ही चौकी कुंदवार और थाना जियावन की पुलिस मौके पर पहुंची। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर जेसीबी मशीन बुलाकर समन्वित रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। काड़ी मशक्कत के बाद मिट्टी में दबे सभी लोगों को बाहर निकाला गया। रेस्क्यू के दौरान दो महिलाएं बेहोशी की हालत में मिलीं, जिन्हें तत्काल एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा गया। वहीं, दो बालिकाओं और एक महिला की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। मृतकों में 10 वर्षीय प्रीति सिंह, 16 वर्षीय बसंती (दोनों निवासी ग्राम हरहवा) और 50 वर्षीय फूलमती यादव निवासी बंधा शामिल हैं। घायल कौशल्या सिंह (50 वर्ष) निवासी ग्राम परसोहर और सकमुनि सिंह (45 वर्ष) निवासी चंद्रेह का अस्पताल में उपचार जारी है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शवों का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह घटना एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में असुरक्षित तरीके से मिट्टी निकालने के गंभीर खतरों को उजागर करती है, जहां रोज़मर्रा की जरूरतें कभी-कभी जानलेवा साबित हो जाती हैं।