लखनऊ,23 जनवरी । किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के परिसर में बनी अवैध मजारें हटायी जायेंगी। केजीएमयू प्रशासन ने शुक्रवार को चिविवि परिसर के अन्दर बनी पांच अवैध मजारों पर नोटिस चस्पा की है। केजीएमयू प्रशासन ने इन मजारों को सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए 15 दिन में हटाने के लिए कहा है। केजीएमयू में माइक्रोबायोलॉजी विभाग के पीछे निर्मित मजारों को हटाने का पत्र नोडल अधिकारी भूमि अधिग्रहण प्रोफेसर केके सिंह की ओर से जारी किया गया है। इसके साथ ही जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त लखनऊ को भी इस प्रकरण से अवगत कराया गया है।
केजीएमयू के प्रवक्ता डा. के.के. सिंह ने कहा है कि परिसर के अंदर पांच अवैध कब्जे के स्थलों पर खाली करने का नोटिस चस्पा किया गया है। सुप्रीम कोर्ट की दी गयी गाइडलाइन का पालन करते 15 दिन का नोटिस दिया गया है। इसके बाद नियमानुसार पुलिस की मदद लेकर उसे खाली कराया जायेगा।
डा. के.के. सिंह ने बताया कि केजीएमयू की मजारों को हटाने की कार्रवायी डेढ़ साल पहले सोनिया नित्यानंद के निर्देशन में शुरू हुई थी। पिछले डेढ़ साल में तीन बड़े अवैध कब्जे जिसमें मजारें भी थी उसे खाली कराया। नेत्र रोग के पीछे मेन कैंपस में 20 हजार स्क्वायर फिट जमीन को खाली कराया। जगत नारायण रोड पर 70 हजार स्क्वायर फिट जमीन जिसमें 400 मकान और मजारें थी जिसे खाली कराया गया। 60 हजार स्क्वायर फिट जमीन जिसमें सर्जरी विभाग के भवन का शिलान्यास मुख्यमंत्री ने किया था उसमें अवैध स्थल था उसे खाली कराया गया था।
विहिप ने की थी केजीएमयू से मजारों को हटाने की मांग विदित हो कि केजीएमयू में लव जिहाद का प्रकरण आने के बाद विश्व हिन्दू परिषद ने चिकित्सा विश्वविद्यालय परिसर में बनी अवैध मजारों को हटाने की मांग की थी। इसके बाद केजीएमयू प्रशासन ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए अवैध मजार को हटाने के लिए नोटिस चस्पा की है।
इनका है कहनाविश्व हिन्दू परिषद के प्रान्त संगठन मंत्री विजय प्रताप ने केजीएमयू प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि केजीएमयू में मजारों का क्या काम है। बगैर देर किये प्रशासन को मजारें ध्वस्त करनी चाहिए।