चंडीगढ़, 27 जनवरी । हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जनता और विधायकों के दिए गए सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार कर ऐसा बजट तैयार करेंगे, जिससे हरियाणा के हर नागरिक के चेहरे पर विश्वास और उम्मीद की मुस्कान आएगी।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि 2026-27 के बजट तैयार करने में आईटी और एआई की अहम भूमिका रहेगी।6जनवरी से आंरभ की गई एआई आधारित ऐप पर बजट पूर्व परामर्श के माध्यम से9हजार से अधिक सुझाव अब तक प्राप्त हो चुके हैं,जिनमें से अच्छे सुझावों को बजट में पिछले वर्ष की तरह शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री मंगलवार को पंचकूला में हरियाणा विजन 2047 कार्य योजना पर मंत्री, सांसद और विधायकों के साथ बजट पूर्व परामर्श कर रहे थे। बैठक में राज्यसभा, लोकसभा सांसदों, विधायकों एवं मंत्रियों ने बजट को लेकर विस्तार से सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी नागरिक आगामी 31 जनवरी तक पोर्टल के माध्यम से अपने सुझाव सरकार को भेज सकते हैं। उन पर अवश्य ही अमल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बजट पूर्व परामर्श की ये बैठकें 6 जनवरी, 2026 को गुरुग्राम में शुरू की गई थी, जिसका अंतिम चरण आज संपूर्ण हो गया है। अभी तक कुल 12 बैठकें हो चुकी हैं, जिसमें लगभग 1597 हितधारकों से विचार विमर्श हुआ, जिसमें कुल 1513 सुझाव प्राप्त हुए। यह बैठकें उद्योग क्षेत्र, शिक्षा वर्ग, महिला वर्ग, स्वास्थ क्षेत्र, किसान, सरंपच व पार्षद, युवा व विभिन्न संगठनों के साथ की गई।
उन्होंने कहा कि यह बजट सरकार का नहीं हरियाणा की 2 करोड़ 80 लाख जनता का होगा और यह बजट आंकड़ों का नहीं, आकांक्षाओं का दस्तावेज होगा। यह वर्तमान की जरूरतों और भविष्य के सपनों के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में जन-प्रतिनिधियों के सहयोग और जनता के विश्वास के साथ, हम निश्चित रूप से विकसित भारत-विकसित हरियाणा-2047 के संकल्प को साकार करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 11 वर्षों में ई-गवर्नेस, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और टेक्नोलॉजी-आधारित निगरानी के माध्यम से शासन को और अधिक पारदर्शी बनाया है, लेकिन जब विपक्ष के नेता हरियाणा की वित्तीय स्थिति पर सवाल उठाते हैं, तो लगता है कि वे आंकड़ों से नहीं, बल्कि आशंकाओं और राजनीतिक हताशा से संवाद कर रहे हैं। प्रदेश की जनता सच्चाई जानती है।
उन्होंने कहा कि इस बजट पूर्व परामर्श बैठक में सभी विधायकों और सांसदों को निमंत्रण भेजा गया था, लेकिन इसमें विपक्ष के नेता नहीं आए। यदि वे इस बैठक में भाग लेते तो कोई बेहतर सुझाव हरियाणा के विकास के लिए देते। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष बजट पूर्व परामर्श बैठकों के दौरान 1592 सुझाव आए थे, जिनमें से 706 सुझावों को बजट में शामिल किया गया था। इनमें से विधायक और सांसदों ने 651 सुझाव दिए, 254 सुझावों को बजट में शामिल किया गया था।