बिहार में तेजी से हो रहा विकास, मजबूत आधारभूत संरचना सरकार की प्राथमिकता : नीतीश कुमार

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पटना, 24 जनवरी । बिहार के सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है और राज्य में मजबूत आधारभूत संरचना का निर्माण सरकार का प्रथम उद्देश्य है। विकास की योजनाएं समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर लागू की जा रही हैं। वैशाली जिले के पानापुर बटेश्वरनाथ धाम परिसर में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को ये बातें कहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपने कार्यकाल की शुरुआत से ही शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। राज्य भर में बड़े पैमाने पर सड़कों, पुलों और पुल-पुलियों का निर्माण कराया गया है। वर्ष 2015 में सात निश्चय योजना के तहत हर घर बिजली, हर घर नल का जल, हर घर शौचालय और टोलों को पक्की सड़कों से जोड़ने का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

उन्होंने कहा कि सरकार ने समाज के सभी तबकों—हिंदू, मुस्लिम, अपर कास्ट, पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित और महादलित के विकास के लिए समान रूप से काम किया है। मुस्लिम समुदाय के लिए भी अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई गई हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बिहार के विकास में केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। वर्ष 2024 के केंद्रीय बजट में सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन और बाढ़ नियंत्रण के लिए विशेष आर्थिक सहायता की घोषणा की गई, जबकि 2025 के बजट में मखाना बोर्ड की स्थापना, एयरपोर्ट विकास और पश्चिमी कोसी नहर के लिए वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 से 2030 के बीच अगले पांच वर्षों में विकास कार्यों को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 2005 से अब तक के चारों कार्यकालों 2005-2010, 2010-2015, 2015-2020 और 2020-2025 में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, कृषि और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में व्यापक कार्य किए गए हैं। आगे के लिए सात निश्चय-3 की रूपरेखा तैयार की गई है, जिसके तहत “दोगुना रोजगार, दोगुनी आय” का लक्ष्य रखा गया है। राज्य की प्रति व्यक्ति औसत आय को दोगुना करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है और ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत महिलाओं को 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने वैशाली जिले के विकास पर विशेष रूप से प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष 2005 से पहले जिले की स्थिति काफी पिछड़ी हुई थी, लेकिन अब यहां विकास के सभी प्रमुख कार्य पूरे किए जा चुके हैं। जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक संस्थान, महिला आईटीआई और सभी अनुमंडलों में आईटीआई की स्थापना की गई है। महुआ में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जीएनएम और पारा मेडिकल संस्थान भी स्थापित किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि वैशाली जिले में अनेक पुलों और सड़कों का निर्माण कराया गया है। हाजीपुर-पटना के बीच गंगा नदी पर पुराने गांधी सेतु के साथ-साथ जेपी सेतु का निर्माण हुआ है। दीदारगंज और बिदुपुर के बीच छह लेन के महासेतु का निर्माण तथा हाजीपुर से मुजफ्फरपुर पथ का चार लेन चौड़ीकरण कराया गया है। इसके अलावा, वैशाली में बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय एवं स्मृति स्तूप का निर्माण किया गया है, जिसका हाल ही में उद्घाटन हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 के दिसंबर और 2025 के जनवरी-फरवरी में प्रगति यात्रा के दौरान उन्होंने सभी जिलों का दौरा कर विकास कार्यों की समीक्षा की। वैशाली जिले में जिन क्षेत्रों में कमी पाई गई, उन्हें दूर करने के लिए सात नई योजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिन पर कार्य प्रगति पर है। वाया नदी की उड़ाही और बरैला झील के विकास का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है।

जन संवाद कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का माला पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम के समापन पर वैशाली जिले की जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।————–