सुप्रीम कोर्ट द्वारा बजरी लीज निरस्त किए जाने के बावजूद भीलवाड़ा जिले से गुजर रही बनास नदी में अवैध बजरी खनन का खेल बदस्तूर जारी है। खनन माफिया के हौसले इतने बुलंद हैं कि प्रशासन की चेतावनी के बाद भी रात-दिन नदी से बजरी निकालने की कोशिशें हो रही हैं। इसी चुनौती को स्वीकार करते हुए भीलवाड़ा पुलिस ने मंगलवार अलसुबह अवैध खनन के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया।
भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर उपखंड में बहती बनास नदी में अवैध बजरी खनन और परिवहन की सूचना पर जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने आज योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी। इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि पुलिस टीम सादा वर्दी में फिल्मी अंदाज़ अपनाते हुए एक डम्पर में बैठकर नदी पार पहुंची, जबकि दूसरी ओर स्कॉर्पियो में सवार टीम के सदस्य पहले से मोर्चा संभाले हुए थे। अचानक हुई इस घेराबंदी से खनन माफिया को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
भीलवाड़ा एसपी धमेंद्र सिंह की अगुवाई में डीएसटी की इस सघन और साहसिक कार्रवाई में 5 जेसीबी मशीनें, 3 डम्पर और 13 ट्रैक्टर जब्त किए गए। यह अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है। अवैध खनन में प्रयुक्त सभी वाहनों को जहाजपुर व पंडेर थानों में खड़ा कराया गया है ।
पुलिस के अनुसार, जहाजपुर थाना क्षेत्र में 3 जेसीबी मशीनें, 3 डम्पर और 10 ट्रैक्टर जब्त कर थाने में खड़े करवाए गए। वहीं पंडेर थाना क्षेत्र से 2 जेसीबी मशीनें और 3 ट्रैक्टर को जब्त किया गया।
कार्रवाई की सूचना मिलते ही अवैध खनन से जुड़े लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई चालक और मजदूर मौके से फरार हो गए, जबकि बनास नदी के घाटों पर चल रहा खनन कार्य अचानक ठप हो गया। आसपास के ग्रामीणों में भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा का विषय बन गया।
इस मामले को पुलिस के आला अधिकारी भी जहाजपुर पहुंच गये है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बनास नदी में अवैध खनन को कौन लोग संरक्षण दे रहे हैं और इसके पीछे किस स्तर तक नेटवर्क फैला हुआ है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह कारोबार संगठित गिरोह द्वारा संचालित किया जा रहा था, जो लंबे समय से अवैध रूप से बजरी निकालकर विभिन्न स्थानों पर सप्लाई कर रहा था।
इस संबंध में भीलवाड़ा एसपी धमेंद्र सिंह ने कहा कि बनास नदी में अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि पर्यावरण और जल संरक्षण पर भी सीधा प्रहार है।