छत्तीसगढ़ के कस्टम मिलिंग घोटाला मामले में अनवर ढेबर और सेवानिवृत आईएएस अनिल टुटेजा को मिली जमानत

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बिलासपुर, 13 जनवरी । छत्तीसगढ़ के 140 करोड़ रुपये से अधिक के कस्टम मिलिंग घोटाला मामले में राज्य के बिलासपुर स्थित उच्च न्यायालय ने मंगलवार को अनवर ढेबर और सेवानिवृत आईएएस अनिल टुटेजा को जमानत दे दी है। वहीं शराब घोटाला मामले में 2 आरोपित मुकेश मनचंदा और अतुल सिंह को भी जमानत मिल गयी है।

बचाव पक्ष के वकील हर्षवर्धन परघनिया ने आज बताया कि कस्टम मिलिंग घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा(ईओडब्ल्यू) ने मामला दर्ज किया था, जिस पर ढेबर और टूटेजा को आज जमानत मिल गई है। वहीं शराब घोटाला मामले में मुकेश और अतुल को भी राहत मिली है।

छत्तीसगढ़ में कस्टम मिलिंग घोटाला 140 करोड़ रुपये से अधिक का है। इस घोटाले में अफसर से लेकर मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी तक शामिल हैं। अलग-अलग राइस मिलर्स के द्वारा नागरिक आपूर्ति निगम और एफसीआई में कस्टम मिलिंग का चावल जमा किया जाता रहा। इस घोटाले में अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा को आरोपित बनाया गया है। दोनों के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने मामला दर्ज कर कोर्ट में चालान पेश किया था। इसके बाद दोनों को जेल दाखिल किया गया था। अब उच्च न्यायालय से दोनों को जमानत मिल गई है।

ईओडब्ल्यू ने बताया कि फरवरी 2025 में रोशन चंद्राकर और मनोज सोनी के खिलाफ कस्टम मिलिंग घोटाले में पहला चालान प्रस्तुत किया गया था। जांच में यह आरोप भी शामिल है कि आरोपितों द्वारा राइस मिलरों पर आर्थिक दबाव बनाकर प्रति क्विंटल 20 रुपये की दर से अवैध वसूली की जाती थी। भुगतान नहीं करने पर मिलों के बिल लंबित रखे जाते थे, जिससे मिलर मजबूरी में राशि देने को बाध्य होते थे।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, अनवर ढेबर का उस समय राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर खासा प्रभाव था। आयकर विभाग की कार्रवाई के दौरान मिले दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

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