अनिल राजभर ने मोबाइल मेडिकल यूनिट को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

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इस अवसर पर श्रम मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। मोबाइल मेडिकल यूनिट का उद्देश्य निर्माण श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और कमजोर वर्गों के प्रति सरकार की सामाजिक प्रतिबद्धता को सशक्त करना है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ श्रमिक ही सशक्त प्रदेश की आधारशिला होते हैं। वर्तमान में बीओसीडब्ल्यू बोर्ड के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 1.89 करोड़ निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं, जो राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. एम.के. शन्मुगा शुन्दरम ने बताया कि इस योजना को प्रथम चरण में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है। इसके अंतर्गत 10 हजार निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह योजना पार्टनर बैंकों, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एवं इंडियन बैंक की सीएसआर निधि से जनपद लखनऊ के 16 प्रमुख निर्माण स्थलों पर संचालित की जा रही है। गोमती नगर विस्तार स्थित शालीमार वन वर्ल्ड से मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन प्रारम्भ किया गया।

उन्होंने बताया कि मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से श्रमिकों को निःशुल्क बेसिक हेल्थ चेक-अप के साथ-साथ क्षय रोग (टीबी), एनीमिया, श्वसन रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, नेत्र एवं श्रवण परीक्षण, मानसिक स्वास्थ्य सहित लगभग 45 प्रकार की स्वास्थ्य जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रतिदिन प्रत्येक निर्माण स्थल पर न्यूनतम 100 श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। कार्यक्रम में राज्य मंत्री मनोहर लाल मन्नू कोरी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।