बैठक के दौरान कलेक्टर कटारा ने धान खरीद की मौजूद स्थिति की जानकारी लेते हुए अंतर्राज्यीय सीमाओं पर कड़ी निगरानी रखने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में अवैध धान परिवहन को रोका जाए और जांच को और प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई केंद्र प्रभारी या कर्मचारी अनियमितताओं में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी कर्मचारियों को सक्रियता और चौकसी के साथ कार्य करने के लिए निर्देशित किया।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने मनरेगा कार्यों को ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण बताया और कहा कि हर ग्राम पंचायत में स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता देकर पूरा किया जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति पर असंतोष प्रकट करते हुए उन्होंने धीमी गति वाले पंचायत क्षेत्रों में नियमित निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम जनमन योजना अंतर्गत स्वीकृत आवासों को भी समयबद्ध रूप से पूर्ण करने को कहा, ताकि पात्र परिवार जल्द सुरक्षित आवास सुविधा प्राप्त कर सकें। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण और पीएम आवास (शहरी) के लंबित आवासों में तेजी लाने पर भी जोर दिया।
स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े मामलों की समीक्षा में कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं के एएनसी पंजीयन की सघन मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने आयुष्मान और वय वंदना कार्ड की प्रगति का प्रतिदिन मूल्यांकन करने के निर्देश भी दिए। नल-जल योजनाओं पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने सभी पेयजल परियोजनाओं को निर्धारित समय पर चालू रखने और स्वच्छ जल आपूर्ति सुनिश्चित करने पर बल दिया। पशुपालन विभाग के कार्यों की समीक्षा में उन्होंने मोबाइल वेटनरी यूनिट को रूट चार्ट के अनुसार नियमित संचालन के निर्देश दिए।
राजस्व विभाग के प्रकरणों जैसे नामांतरण, सीमांकन और डायवर्सन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी मामलों के समयबद्ध निराकरण का आदेश दिया। उन्होंने कोषालय से संबंधित बिंदुओं की स्थिति भी जानी। बैठक में अपर कलेक्टर आर.एस. लाल, चेतन बोरघरिया, अभिषेक गुप्ता सहित सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।