अब कुपोषण दूर करेगा लौहयुक्त शिटाके मशरूम

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सीबीएसएच कालेज के पूर्व अधिष्ठाता और वैज्ञानिक डाॅ. संदीप अरोड़ा ने एक भेंट वार्ता में बताया कि शिटाके मशरूम (लेंटिनुला इडाॅडस) विश्व का सबसे मूल्यवान खाद्य और औषधीय कवक है। पूर्वी एशिया के जंगलों, विशेषकर जापान और चीन, में उत्पन्न इस मशरूम की खेती जगभग एक हजार वर्ष पुरानी है। जब इसे पारंपरिक रूप से ओक की लकड़ियों पर उगाया और स्वास्थ्य लाभ के कारण ’जीवन अमृत’ के रूप में जाना जाता था। जबकि भारत जैसे राष्ट्र तकनीकी नवाचार और वैल्यू एडिशन रणनीतियों से इसके उत्पादन का विस्तार कर रहे हैं। आज शिटाके विश्व का दूसरा सबसे अधिक उत्पादित मशरूम है, जो न केवल अपने समृद्ध स्वाद, बल्कि अपने उच्च पोषण के लिए जाना जाता है। जैसे-जैसे वैश्विक खाद्य प्रणाली बदल रही है, नैनो-बायोफोर्टिफाइड मशरूम आयरन की कमी से निपटने में टिकाऊ, सुलभ और अधिक प्रभावी समाधान बन सकते हैं। कभी प्राचीन परंपराओं में पूजनीय शिटाके मशरूम अब छुपी भूख के विरुद्ध एक आधुनिक हथियार बनकर उभर रहा है। जहां विज्ञान, पोषण और नवाचार एक ही थाली में मिलते हैं।