इस दौरान बच्चों ने चॉकलेट और शुभकामना कार्ड वितरित कर प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। बच्चों की इस अनोखी पहल से पूरा इलाका उत्सवी माहौल में रंग गया।इसके बाद बाल भवन परिसर में बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। गीत, नृत्य और अन्य प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा।कार्यक्रम के दौरान भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई जी के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। बच्चों ने अटल जी के व्यक्तित्व और विचारों पर आधारित कविताओं का पाठ किया तथा उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई जी का जीवन देश के लिए समर्पण, सादगी और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक रहा है, जिनसे नई पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए।क्रिसमस के अवसर पर बच्चों द्वारा केक कटिंग किया गया। केक कटिंग के दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला और सभी ने एक-दूसरे को क्रिसमस की बधाइयाँ दीं।इस पूरे कार्यक्रम की खास बात यह रही कि बाल भवन परिसर की साज-सज्जा पूरी तरह से चित्रकला विद्या के प्रशिक्षक के मार्गदर्शन में बच्चों द्वारा स्वयं की गई। बच्चों ने अपने हुनर और कल्पनाशीलता से बाल भवन को आकर्षक ढंग से सजाया, जिससे कार्यक्रम का माहौल और भी जीवंत हो उठा। सजावट से लेकर मंच की रचना तक में बच्चों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली।किलकारी बिहार बाल भवन द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उन्हें रचनात्मकता, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ। स्थानीय लोगों, अभिभावकों एवं उपस्थित अतिथियों ने बच्चों के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की और ऐसे आयोजनों को बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।