नाम बदलने पर राजनीति करने वाली कांग्रेस को अपने इतिहास से सीख लेनी चाहिए : राकेश जमवाल

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राकेश जमवाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का पूरा इतिहास योजनाओं के नाम बदलने की राजनीति से भरा पड़ा है। चाहे केंद्र में यूपीए सरकार का दौर रहा हो या प्रदेश में कांग्रेस की सरकारें—नाम बदलना कांग्रेस की पुरानी आदत रही है। आज वही कांग्रेस जी-राम-जी ग्रामीण रोजगार अधिनियम के नाम को लेकर बखेड़ा खड़ा कर रही है और केंद्र सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ रही है, जबकि जनता जानती है कि योजनाओं की पहचान नाम से नहीं, बल्कि ज़मीनी लाभ और ईमानदार क्रियान्वयन से होती है।

भाजपा मुख्य प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भाजपा सरकार ने जब भी किसी योजना में बदलाव किया, तो उसका उद्देश्य केवल और केवल गरीब, किसान और मजदूर को अधिक लाभ पहुंचाना रहा है। मनरेगा जैसी योजनाओं के तहत बजट बढ़ाना, समय पर भुगतान, पारदर्शिता और तकनीकी सुधार केंद्र सरकार की प्राथमिकता रही है। इसके विपरीत कांग्रेस सरकारें केवल नाम बदलकर राजनीतिक श्रेय लेने का प्रयास करती रही हैं, जबकि लाभार्थियों की स्थिति जस की तस बनी रही।

उन्होंने कहा कि हिमाचल की कांग्रेस सरकार आज प्रदेश में अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए केंद्र सरकार के खिलाफ धरना और बयानबाजी कर रही है। बेरोजगारी चरम पर है, विकास कार्य ठप पड़े हैं, आर्थिक हालात बिगड़ते जा रहे हैं, लेकिन इन सवालों का जवाब देने के बजाय कांग्रेस सरकार जी-राम-जी के नाम को लेकर राजनीतिक नौटंकी कर रही है। यह धरना न तो मजदूर के हित में है और न ही प्रदेश के विकास के लिए—यह केवल एक राजनीतिक स्टंट है।

राकेश जमवाल ने कहा कि भाजपा का स्पष्ट मत है कि किसी भी योजना का मूल्यांकन उसके नाम से नहीं, बल्कि उससे मिलने वाले वास्तविक लाभ से होना चाहिए। केंद्र की भाजपा सरकार हिमाचल सहित पूरे देश के गरीब, किसान और मजदूर के साथ मजबूती से खड़ी है। कांग्रेस चाहे जितनी भी बयानबाज़ी और धरने कर ले, सच्चाई यह है कि जनता भाजपा की नीयत, नीति और नेतृत्व पर भरोसा करती है। आने वाले समय में कांग्रेस की यह खोखली राजनीति पूरी तरह बेनकाब होगी।