ट्रैक मेंटेनर की मौत, यूनियन ने की रक्षक डिवाइस की मांग

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पश्चिमी सिंहभूम जिला स्थित चक्रधरपुर रेल मंडल में एक बार फिर ट्रैक मेंटेनर की ड्यूटी के दौरान मौत ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमवार सुबह मनोहरपुर सेक्शन के अंतर्गत घाघरा क्षेत्र में थर्ड लाइन पर कार्यरत ट्रैक मेंटेनर मंगल केरकेट्टा की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। इस हादसे से रेलवे कर्मचारियों में शोक के साथ-साथ आक्रोश भी व्याप्त है।

जानकारी के अनुसार, मंगल केरकेट्टा पीडब्ल्यूआई मनोहरपुर सेक्शन के अंतर्गत किलोमीटर 369/3ए से 5ए के बीच थर्ड लाइन ग्रेड पर की-मैन के रूप में कार्य कर रहे थे। इसी दौरान शालीमार–कुर्ला एक्सप्रेस उनके कार्य स्थल से गुजर गई, जिसकी चपेट में आने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही रेलकर्मियों और परिजनों में गहरा दुख फैल गया।

इस हादसे पर ऑल इंडिया रेलवे ट्रैक मेंटेनर यूनियन के प्रतिनिधि चांद मोहम्मद ने गहरी चिंता और दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि चक्रधरपुर मंडल में अब तक 11 ट्रैक मेंटेनरों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद रेल प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

चांद मोहम्मद ने आरोप लगाया कि ट्रैक मेंटेनर दिन-रात रेलवे ट्रैक की सुरक्षा में लगे रहते हैं, लेकिन खुद उनकी जान की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। यूनियन की ओर से कई बार रेल प्रशासन को लिखित और मौखिक रूप से यह मांग की गई कि ट्रैक पर काम कर रहे कर्मचारियों को ‘रक्षक डिवाइस’ उपलब्ध कराई जाए, जिससे आने वाली ट्रेनों की समय पर सूचना मिल सके और इस तरह के हादसों को रोका जा सके।

यूनियन ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए मांग की है कि चक्रधरपुर मंडल सहित पूरे रेलवे क्षेत्र में ट्रैक मेंटेनरों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और रक्षक डिवाइस तत्काल उपलब्ध कराई जाए। यूनियन का कहना है कि जब तक ट्रैक मेंटेनर सुरक्षित नहीं होंगे, तब तक रेलवे की सुरक्षित परिचालन व्यवस्था की कल्पना भी अधूरी रहेगी।