उपायुक्त ने की 10 गांवों में चल रही सौर ऊर्जा से संबंधित योजनाओं की समीक्षा

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बैठक में पूर्व में हुई जिला स्तर की समिति की बैठक के दौरान दिए गए निर्देशों के पालन और प्रगति की चर्चा की गई और सभी संबंधित बीडीओ से क्षेत्र की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली गई। बैठक में 10 चयनित गांवों में चल रही सौर ऊर्जा संबंधित योजनाओं की समीक्षा की गई और इस बात पर विचार-विमर्श किया गया कि किन योजनाओं का संचालन कर बड़े जनसमूह को लाभान्वित किया जा सकता है।

उल्‍लेखनीय है कि मॉडल सोलर विलेज के लिए जिले के सात प्रखंडों के 10 गांव चुने गए हैं। इसमें मुसाबनी प्रखंड के पारूलिया और धोबनी, धालभूमगढ़ के कोकपाड़ा–नरसिंहगढ़, घाटशिला का बड़ाजुड़ी, पोटका के हाड़तोपा, कालिकापुर, बहरागोड़ा के मानुषमुड़िया, पटमदा के बड़ा बांगुड़दा, बिडरा एवं बोड़ाम प्रखंड का बोड़ाम गांव शामिल हैं। इन गांवों का चयन 5000 से अधिक जनसंख्या वाले या जिले में ऐसी संख्या में गांव न होने पर अधिकतम आबादी वाले गांव के रूप में किया गया है। दिसंबर 2025 से मई 2026 तक छह महीने का चैलेंज पीरियड निर्धारित किया गया है। इस दौरान पीएम–कुसुम सहित अन्य सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों की स्थापना और वितरण के साथ-साथ गांवों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया जाएगा। छह महीने के अंत में जिस गांव में अधिकतम नवीकरणीय ऊर्जा अधिष्ठापन क्षमता होगी, उसे मॉडल सोलर विलेज घोषित कर एक करोड़ रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।