जयपुर डिस्कॉम: बकाया वसूली पर फोकस, सर्वाधिक बकाया वाले विद्युत खंड तथा उपखंड चिन्हित

Share

इसी क्रम में डिस्कॉम्स चेयरमैन आरती डोगरा ने सभी 20 विद्युत उपखंडों के सहायक अभियंताओं के साथ राजस्व वसूली की समीक्षा की। उल्लेखनीय है कि इन विद्युत उपखंडों में 1.11 लाख उपभोक्ताओं पर 193 करोड़ से अधिक तथा विद्युत खंडों में 1.89 लाख उपभोक्ताओं पर 237 करोड़ रूपये से अधिक बकाया हैं। जिसकी वसूली के लिए जयपुर डिस्कॉम प्रयासरत है।

डोगरा ने निर्देश दिए कि अभियंता शिविरों का आयोजन कर समझाइश एवं सैटलमेंट के माध्यम से राजस्व संग्रहण को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि नोटिस देने के बाद भी जिन प्रकरणों में वसूली नहीं हो पा रही है तो उन्हें लोक अदालत के माध्यम से हल कराएं। जहां संगठित रूप से लोग बकाया चुकाने को तैयार नहीं हैं तो उनमें आवश्यकता पड़ने पर कनेक्शन विच्छेद करने, ट्रांसफार्मर एवं विद्युत लाइन हटाने जैसे सख्त कदम भी उठाए जाएं। उन्होंने 50 हजार एवं एक लाख से ऊपर बकाया वाले प्रकरणों में शत-प्रतिशत रिकवरी के लक्ष्य अर्जित करने के निर्देश दिए।

डिस्कॉम्स चेयरमैन जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के सहयोग से वसूली का अभियान चलाने के निर्देश भी संबंधित अधीक्षण अभियंताओं एवं अधिशासी अभियंताओं को दिए। उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं को पीडीसी घोषित करने के प्रकरण विचाराधीन हैं, उनमें जल्द निर्णय किया जाए, ताकि ऐसे उपभोक्ताओं से वसूली की नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। इसके अतिरिक्त अन्य डिविजनों एवं सब डिविजनों में बकाया राजस्व संग्रहण के लिए जोनल मुख्य अभियंताओं को मॉनीटरिंग के निर्देश दिए गए हैं।

सर्वाधिक बकाया वाले 20 विद्युत उपखंड: करौली ए-द्वितीय, राजाखेड़ा, बाड़ी, छबड़ा, खंडार, बारां-ए द्वितीय, धौलपुर-ए द्वितीय, कामां, नादौती, डीग, इटावा, पहाड़ी, अटरू-प्रथम एवं द्वितीय, कोटा ओएंडएम-आर, मासलपुर, बयाना, मंडरायल, कोटपूतली तथा भिवाड़ी

सर्वाधिक बकाया वाले 10 विद्युत खंड: करौली, अटरू, कोटा (जिला डिविजन), धौलपुर,बाड़ी, हिंडौन, कामां, बारां (जिला डिविजन एवं ओएंडएम डिविजन), भिवाड़ी