बेल्जियम के रहने वाले ‘वीम वान होये’ ने बेंगलुरु के अपने गाइड एमवी किरण और गोरखपुर के कृष्णा पाण्डेय के साथ रविवार की दोपहर जंगल कैंप पहुंचा। जहां वन कर्मियों के द्वारा इनका स्वागत किया गया।
जंगल कैंप के कर्मियों द्वारा किए गए स्वागत से आह्लादित होकर बेल्जियम नागरिक ने उन्हें ‘थैंक यू वीटीआर कहा’। 23 अक्टूबर को हुए नए पर्यटन सत्र के बाद यह पहला मौका है जब कोई विदेशी नागरिक वाल्मीकि टाइगर रिजर्व का भ्रमण करने के लिए वाल्मीकिनगर पहुंचा हो।
पर्यटन सत्र 2024- 25 के अंतर्गत वाल्मीकिनगर भ्रमण पर आने वाले विदेशी नागरिकों की कुल संख्या 31 थी।
इंडो-नेपाल सीमा पर बसे वाल्मीकि टाइगर रिजर्व का भ्रमण करने प्रत्येक वर्ष लाखों की संख्या में सैलानी यहां पहुंचते हैं। यहां की प्राकृतिक सुंदरता का दीदार कर पर्यटक अभीभूत हो जाते हैं। जंगल सफारी के दौरान बाघों को सामने से देखने की ख्वाहिश पर्यटकों को बरबस अपनी ओर आकर्षित करती है। पर्यटक जल, जंगल और पहाड़ का अद्भुत दृश्य देख यहां की खूबसूरती पर फिदा हो जाते हैं।
विदेशी पर्यटक ने बताया कि वीटीआर काफी खूबसूरत जगह है और दुनिया का सबसे साफ सुथरा और शांतिपूर्ण जगह भी है। उन्होंने कहा कि जंगल सफारी के दौरान उन्हें हिरण, गौर और विभिन्न तरह की सुंदर पक्षियों का दीदार हुआ। शायद वह लकी नहीं थे, इसलिए टाइगर नहीं देख पाए और दोबारा टाइगर देखने जरूर आएंगे।वन क्षेत्राधिकारी अमित कुमार के अनुसार विदेशी टूरिस्ट यहां वन्यजीवों का दीदार करके काफी खुश नजर आए। प्राकृतिक नजारे और वन्यजीवों का दीदार किया, जिससे वीटीआर को ब्रांडिग मिलेगी।
वीटीआर प्रशासन और विदेशी पर्यटकों के आने की आस संजोये है। वर्तमान सीजन में देश के कोने-कोने से सैलानी लगातार आ रहे हैं। टाइगर रिजर्व प्रशासन और, विदेशी पर्यटकों की संभावना जता रहा है। वीटीआर की समृद्ध जैव विविधता और यहां का प्राकृतिक सौंदर्य भारतीय और विदेशी सैलानियों को हमेशा आकर्षित करता है। यही कारण है कि साल दर साल पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।