एनटीपीसी कहलगाँव में नि:शुल्क मोतियाबिंद जांच एवं उपचार शिविर का शुभारम्भ

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उद्घाटन अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए रबीन्द्र पटेल परियोजना प्रमुख ने कहा कि एनटीपीसी कहलगाँव ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रभावी निर्वहन के लिए भी पूर्णतः प्रतिबद्ध है। यह नेत्र शिविर जरूरतमंद एवं वंचित वर्गों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। हमारा उद्देश्य परियोजना के आसपास के क्षेत्रों को मोतियाबिंद से मुक्त समाज की ओर अग्रसर करना है। उन्होंने इस पुनीत सेवा कार्य में सृष्टि समाज, एनटीपीसी चिकित्सालय तथा सभी चिकित्सकीय एवं पैरा-मेडिकल कर्मचारियों के योगदान की सराहना की।

उल्लेखनीय है कि नैगम सामाजिक दायित्व के तहत एनटीपीसी कहलगाँव द्वारा प्रत्येक वर्ष नि:शुल्क नेत्र शिविर का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में वर्ष 2025 में परियोजना प्रभावित क्षेत्रों एवं निकटवर्ती ग्रामीण इलाकों से आए कुल 842 मोतियाबिंद रोगियों का पंजीकरण किया गया, जिनमें 499 महिला एवं 343 पुरुष शामिल हैं। चिकित्सकीय परीक्षण उपरांत कुल 525 रोगियों को शल्य चिकित्सा (ऑपरेशन) के लिए उपयुक्त पाया गया। इस शिविर में डीबीआई फाउंडेशन, कोलकाता की अनुभवी विशेषज्ञ टीम द्वारा आधुनिक तकनीक के माध्यम से मोतियाबिंद ऑपरेशन किए जा रहे हैं। इस महत्त्वपूर्ण कार्य में एनटीपीसी के चिकित्सकों, पैरा-मेडिकल स्टाफ तथा सृष्टि समाज के स्वयंसेवकों का सक्रिय एवं सराहनीय सहयोग प्राप्त हो रहा है।

शिविर के अंतर्गत सभी रोगियों को निःशुल्क आई.ओ.एल. (इंट्रा ऑकुलर लेंस) उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही सृष्टि समाज द्वारा शिविर में आए रोगियों एवं उनके सहयोगियों के लिए नि:शुल्क भोजन की समुचित व्यवस्था की गई है। शिविर के समापन अवसर पर सभी रोगियों को नि:शुल्क चश्मा, आवश्यक दवाइयाँ एवं कंबल वितरित किए जाएंगे। एनटीपीसी की इस संवेदनशील एवं मानवीय पहल से लाभान्वित मरीजों तथा उनके परिजनों ने अंधेपन से ग्रस्त लोगों को नई दृष्टि प्रदान करने के इस सराहनीय प्रयास के लिए एनटीपीसी प्रबंधन के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मनोरंजन पारिदा महाप्रबंधक (शओ एंड एम, मारिसेट्टी महाप्रबंधक मेंटेनेंस, डॉ॰ सुष्मिता सिंह मुख्य चिकित्सा अधिकारी जीवन ज्योति चिकित्सालय, मनोरंजन सारंगी विभागाध्यक्ष मानव संसाधन सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, यूनियन एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधिगण, सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में लाभार्थी एवं उनके परिजन उपस्थित थे।