कार्यक्रम के दौरान कई छात्रों ने साइबर अपराध और उसके बचाव से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका समाधान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो ने किया। वहीं कुछ पीड़ितों ने अपने साथ हुए साइबर फ्रॉड के अनुभव साझा किए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कहा कि साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता को प्राथमिकता में रखते हुए जिले के सभी स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामों में जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आज स्कूली छात्र भी साइबर अपराध और उसके बचाव के उपायों को लेकर सजग हैं, जो पुलिस की निरंतर कोशिशों का परिणाम है।
महतो ने कहा कि यदि लोग लालच से दूरी बनाकर सतर्क रहेंगे तो साइबर फ्रॉड से बच सकते हैं। उन्होंने नेट बैंकिंग, सोशल मीडिया और ऑनलाइन लेन-देन के दौरान मजबूत पासवर्ड रखने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी।
उन्होंने बताया कि सूरजपुर पुलिस द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर ‘‘सूरजपुर जिला पुलिस’’ फेसबुक आईडी से साइबर सुरक्षा संबंधी ज्ञानवर्धक वीडियो नियमित रूप से साझा किए जा रहे हैं, जिन्हें देखकर लोग सतर्क रह सकते हैं।
जिला पंचायत सदस्य नरेंद्र यादव और पहाड़गांव सरपंच भोला सिंह ने भी कहा कि अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे घर का पता, फोन नंबर और बैंक खाते की जानकारी ऑनलाइन साझा करने से बचना चाहिए, क्योंकि साइबर अपराधी इसी जानकारी का दुरुपयोग करते हैं।
इस अवसर पर थाना प्रभारी जयनगर रूपेश कुंतल, महाविद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।