इस जलाशय का गेट निर्माण कार्य के कुछ ही वर्ष में क्षतिग्रस्त हो गया जिसे लीपा पोती कर सुधार किया गया था। जब से इस जलाशय का निर्माण हुआ है, तब से वहां से पानी का रिसाव हो रहा है। इस रिसाव को बंद करने शासन प्रशासन द्वारा करोड़ों रुपया खर्च किया गया लेकिन सुधार नहीं आ पाया। रविवार को सुबह जलाशय के टेल एरिया के पास बांध टूट गया। जिससे बांध से लगे हुए नाला में बाढ़ की स्थिति आ गई। ज्ञात हो कि कुछ दिन पहले बांध के उपरी भाग धंसा हुए प्रतीत हो रहा था मगर एकाएक बांध टूट जाएगा ऐसा किसी को अंदेशा नहीं था। राजाडेरा जलाशय टूट जाने से बांध के नीचे बसे गांव बेलरदोना, कोरगांव, शुक्लाभाठा, आमाचानी सहित दर्जनों गांव के किसान चिंतित हैं।
किसानों ने कहा कि नाला के आसपास किसानों के धान का फसल लगी हुई है, जो पूरी तरह पककर तैयार हैं। मौसम खराबी की वजह से फसल काटने में देरी हो गई हैं। अगर नाला में बाढ़ आएगा तो उनकी फसल पानी में बह जाएगी।राजाडेरा जलाशय टूट जाने की खबर फैल जाने से टूटे हुए बांध देखने आस पास के गांव के लोगों का भीड़ लग गई है। जबकि बांध के पानी का तेज बहाव के कारण मिट्टी का कटाव हो रहा है, जिससे बांध के क्षतिग्रस्त होने की आशंका की जा रही है। भीड़ को पुलिस जवानों द्वारा नजदीक नहीं जाने की चेतावनी दी जा रही हैं। इस संबंध में सिंचाई विभाग के एसडीओ रविन्द्र कुंजाम ने बताया कि टेल एरिया के पास बांध का कुछ हिस्सा धसा हुआ दिखाई दे रहा था, जिसकी मरम्मत की तैयारी की जा रही थी। मगर अचानक बांध का टेल एरिया टूट गया। जिसकी जानकारी उच्च अधिकारी को दे दी गई है।