औरैया, 22 नवम्बर (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद के फफूँद नगर विकास और मूलभूत सुविधाओं के मामले में फफूँद आज भी पिछड़ा हुआ है। नगर की सीमाओं से न तो कोई हाइवे गुजरता है और न ही रेलवे लाइन, जिससे परिवहन व्यवस्था पूरी तरह कमजोर पड़ गई है। नगर में आवागमन के लिए केवल ऑटो रिक्शों का ही सहारा है, जबकि रोडवेज या निजी बसें न चलने से लोगों को दूर-दराज की यात्रा में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि फफूँद नगर से बाहर जाने के लिए केवल टेम्पो ही उपलब्ध होते हैं, लेकिन इनसे यात्रा करना जोखिम भरा होता है। शाम होते ही टेम्पो मिलना बंद हो जाते हैं और यदि कहीं मिल भी जाते हैं तो चालक बुकिंग करने की बात कहते हैं, जिसमें दस गुना तक अधिक किराया देना पड़ता है। इससे आमजन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
करीब डेढ़ दशक पहले तक फफूँद के ख्यालीदास मंदिर के पास रोडवेज की बुकिंग खिड़की हुआ करती थी, लेकिन औरैया जिला बनने से पहले ही यह सुविधा बंद कर दी गई, जो आज तक शुरू नहीं हो सकी। वर्तमान में फफूँद से सिर्फ एक रोडवेज बस आगरा के लिए चलती है, वह भी दिबियापुर से आकर फफूँद होते हुए आगरा जाती है, लेकिन वापस फफूँद न आकर सीधे औरैया चली जाती है। दो दशक पहले तक फफूँद से लखनऊ, दिल्ली, बदायूं और गोरखपुर के लिए बसें चला करती थीं, लेकिन अब वह व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो चुकी है।
दिन के समय फफूँद से औरैया, बाबरपुर, दिबियापुर, अछल्दा, पाता के लिए केवल टेम्पो ही उपलब्ध हैं। देर शाम या रात में इन स्थानों से फफूँद लौटना कठिन हो जाता है क्योंकि कोई वाहन उपलब्ध नहीं होता। कई बार रिश्तेदार रात में अजीतमल, बाबरपुर या अछल्दा पहुँच जाते हैं, लेकिन फफूँद आने के लिए न तो टेम्पो मिलता है और न ही अन्य वाहन। मजबूरन परिजन निजी वाहन या किराये का वाहन लेकर उन्हें लेने के लिए जाते हैं।
स्थानीय लोगों ऋषि मिश्रा,शशांक गुप्ता, सिराजुद्दीन उर्फ मुन्ना, प्रदीप कुमार कठेरिया, जानू मिश्रा, आदेश, उमेश, रमेश,व मोहम्मद शकील का कहना कि नेताओं ने चुनाव के समय रोडवेज बसें शुरू कराने के वादे किए थे, लेकिन जीत के बाद कोई भी इस समस्या को हल करने के लिए आगे नहीं आया। दिबियापुर में बने नए रोडवेज बस स्टैंड से क्षेत्रवासियों को उम्मीद थी कि अब फफूँद में बस सेवा बेहतर होगी, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण नया बस अड्डा भी बसों के इंतजार में सूना पड़ा है।