सूत्रों की मानें तो नक्सली अब अपने बचे हुए साथियों को आत्मसमर्पण से रोकने अभियान चला रहे हैं, सभी एरिया कमेटियों से पत्र जारी करवाने के साथ-साथ अपने नाट्य मंडली को भी एक्टिव कर अपने प्रभाव वाले क्षेत्र में गाना और दूसरे आयोजन कर आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को गद्दार और डरपोक बता रहे हैं। नक्सली आत्मसमर्पण को रोकने अब पूरी ताकत झोंक रहे हैं। गांवों में अपना खोया हुआ. विश्वास जगाने नक्सली पुलिस मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों को जनता का हितैषी बता रहे हैं, साथ ही हाल ही में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को जनता का पैसा ले भागने का आरोप भी लगा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि बस्तर में नक्सलवाद अब सिर्फ बीजापुर एरिया में बचा हुआ है, दंतेवाड़ा में मलांगिर और कटेकल्याण एरिया कमेटी टूट गई है, पर अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है, लेकिन नक्सलियों का प्रभाव कम हो गया है। गिनती के नक्सली दोनों कमेटी में बचे हैं, पर बीजापुर में गंगालूर एरिया कमेटी, पामेड़ एरिया कमेटी, जगरगुंडा एरिया कमेटी, इंद्रावती दलम कमजोर जरूर हुआ है, पर खत्म नहीं हुआ है। यह भी विदित हाे कि बस्तर में सबसे ज्यादा नक्सलियों की माैजूदगी अभी बीजापुर जिले में बनी हुई है।