एमजेपीआरयू बनेगा यूपी का पहला गैर-तकनीकी विश्वविद्यालय, ब्लॉकचेन से जारी होंगी डिजिटल डिग्रियां

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कुलपति प्रो. के. पी. सिंह ने बताया कि ब्लॉकचेन आधारित डिजिटल क्रेडेंशियल्स डिग्रियों को वैश्विक स्तर पर अधिक भरोसेमंद बनाएंगे। उन्होंने कहा, “यह कदम छात्रों, नियोक्ताओं और अकादमिक संस्थानों—सभी के लिए पारदर्शिता, गति और सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। हम बरेली और अपने सभी संबद्ध महाविद्यालयों को ग्लोबल टेक एडॉप्शन की मुख्यधारा में ला रहे हैं।”

नई प्रणाली के तहत प्रत्येक डिग्री ब्लॉकचेन पर एंकर होगी और उसमें डिजिटल हस्ताक्षर शामिल रहेगा। डिग्री पर अंकित क्यूआर कोड के माध्यम से नियोक्ता, विश्वविद्यालय, दूतावास या कोई भी एजेंसी सेकंडों में ऑनलाइन सत्यापन कर सकेगी। स्नातकों को यह डिग्री ट्रू स्कॉलर के सुरक्षित डिजिटल वॉलेट में मिलेगी, साथ ही वे डाउनलोड योग्य प्रति भी प्राप्त कर सकेंगे।

यह पहल डिजी लाॅकर एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (एबीसी) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों से पूरी तरह मेल खाती है। इससे छात्रों को कागज़ी औपचारिकताओं, डाक या लंबी प्रतीक्षा से मुक्ति मिलेगी। विश्वविद्यालय ने समारोह के दिन छात्रों को वॉलेट एक्सेस से संबंधित एसएमएस और ईमेल भेजने की व्यवस्था की है तथा ऑनलाइन हेल्पडेस्क भी स्थापित किया गया है।

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह परिवर्तन बरेली मंडल और आसपास के छोटे कस्बों के छात्रों को वैश्विक स्तर पर बराबरी का अवसर प्रदान करेगा—अब उनकी डिग्रियां दुनिया के किसी भी कोने में तुरंत सत्यापित की जा सकेंगी।