मायावती ने दूसरी पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समाज को उनका संवैधानिक हक, सरकारी नौकरी, शिक्षा में आरक्षण को लेकर कांग्रेस, सपा (समाजवादी पार्टी) और भाजपा का रवैया हमेशा संकीर्ण, जातिवादी और द्वेशपूर्ण रहा है। वोट के समय इन पार्टियों को ये समाज याद आता है।
बसपा प्रमुख ने कहा कि ओबीसी समाज ‘बहुजन समाज’ का खास महत्वपूर्ण अंग है। इनका हित बसपा में ही निहित और सुरक्षित भी है। प्रदेश में चार बार की सरकार रहते हुए बसपा ने ओबीसी की हर जातियों को रोजगार देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि दूसरी पार्टियां वोट के स्वार्थ की खातिर कोई ठोस काम नहीं करती हैं बल्कि उनकी हवा-हवाई और जुमलेबाजी वाली बातें रहती हैं।
‘पिछड़ा वर्ग समाज भाई चारा संगठन’ को अपनी जमीनी गतिविधियों को और तेज करने की हिदायत देते हुए बसपा प्रमुख ने कहा कि बसपा जाति के आधार पर सदियों से सताए जा रहे इन बहुजन लोगों को बहुजन समाज की एकता में जोड़कर इन्हें शोषण, अत्याचार से मुक्ति दिलाने के लिए संघर्षरत है। जो देश के लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
बसपा प्रमुख ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कहा कि हर व्यक्ति के वोट की महत्वपूर्ण भूमिका है इसलिए योग्य लोग मतदाता सूची में अपना नाम व वोटर कार्ड जरूर बनवाएं। साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के हिसाब से पुनरीक्षण में ज्यादा से ज्यादा लोगों के नाम जुड़वाने के लिए तत्परता पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्हाेंने बामसेफ (अखिल भारतीय पिछड़ा और अल्पसंख्यक समुदाय कर्मचारी महासंघ) को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने को कहा है। बसपा प्रमुख ने कहा कि बामसेफ राजनीतिक संगठन या पार्टी नहीं है, बल्कि यह पढ़े-लिखे कर्मचारियों का एक सामाजिक संगठन है, जिनका प्रमुख कार्य अपनी सुविधानुसार बहुजन समाज में सामाजिक चेतना पैदा करने का है।