नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूरा प्रशासनिक अमला 3 साल के जश्न की तैयारी में लगा है। मुख्यमंत्री से लेकर हर विभाग के आखिरी पंक्ति का खड़ा कर्मचारी इस जश्न को सफल बनाने में जुटा है। सबसे हैरानी की बात यह है कि इस जश्न पर होने वाले खर्च का वहन राजस्व विभाग कर रहा है। यह बातें हम नहीं सरकार के आधिकारिक दस्तावेज बता रहे हैं। लेकिन दुख इस बात का है कि जो विभाग जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को अभी तक मुआवजा नहीं दे पाया है। जिस विभाग ने अपना घर खो देने वाले लोगों के नुकसान की शत प्रतिशत रिपोर्ट नहीं दर्ज की है। जो विभाग अपनी जमीन खोने वाले लोगों का मूल्यांकन नहीं कर पाया है। हिमाचल की पूरी सरकार जश्न की तैयारियों में लगी है लेकिन कोई भी नेता जश्न को स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है। इसी से सरकार की नीयत और असलियत का पता चलता है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारत का एक प्रतिष्ठित, अनुशासित और राष्ट्रसेवा को समर्पितदुनिया का सबसे बड़ा संगठन है, जिसने समाज के विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। लाखों स्वयंसेवक शिक्षा, स्वास्थ्य, आपदा राहत, समाजिक समरसता, स्वावलंबन और सांस्कृतिक जागरण जैसे क्षेत्रों में निरंतर निस्वार्थ सेवा करते आ रहे हैं। आरएसएस ने अपनी संगठनात्मक शक्ति, वैचारिक स्पष्टता और सेवा-भाव से ऐसे अनेक बड़े व्यक्तित्व तैयार किए हैं, जिन्होंने देश के विभिन्न स्तरों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता के रूप में सम्मानित भारत के प्रधानमंत्री भी इसी संगठन से जुड़े हैं।