भारतीय बंदरगाह, पोत और जलमार्ग मंत्रालय के मुताबिक, कालूघाट टर्मिनल का संचालन और रखरखाव पीपीपी मॉडल के तहत किया जाएगा। एसएपीएल कुल राजस्व का 38 प्रतिशत आईडब्ल्यूएआई को देगा, जिससे सार्वजनिक हित और व्यावसायिक दक्षता में संतुलन सुनिश्चित होगा। हल्दिया टर्मिनल की वार्षिक कार्गो क्षमता 3.08 मिलियन मीट्रिक टन है। आईडब्ल्यूएआई के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने कहा कि कालूघाट और हल्दिया टर्मिनल का पीपीपी ऑपरेटर को हस्तांतरण टर्मिनल संचालन और माल ढुलाई की दक्षता बढ़ाने में अहम है। यह कदम राष्ट्रीय जलमार्ग एक पर एकीकृत मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के दृष्टिकोण के अनुरूप है।