इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने आस्था, मानवता और सत्य की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने केवल सिख धर्म के लिए ही नहीं, बल्कि सभी धर्म और हर पंथ के अधिकारों की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। अत्याचार के खिलाफ उनका अडिग साहस आज भी हमें प्रेरित करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी की शिक्षाएं हमें आपसी सम्मान, भाईचारे और सहिष्णुता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।
उन्होंने कहा कि गुरु जी का जीवन ‘विविधता में एकता’ और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने वाला प्रकाश स्तंभ है। आज जब समाज में शांति, सद्भाव और सामाजिक न्याय की सबसे ज्यादा जरूरत है, तब गुरु तेग बहादुर जी की विरासत और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।