झारखंड की हेमंत सरकार ‘गजनी मोड’ में कर रही है काम : प्रतुल शाहदेव

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भाजपा प्रवक्ता प्रतुल ने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि राज्य की हेमंत सोरोन सरकार की कार्य संस्कृति ‘गजनी’ फिल्म से प्रभावित दिखती है। सरकार कोई योजना शुरू करती है, फिर भूल जाती है, उसके बाद फिर से अचानक झटका लगता है, तो याद आता है कि ‘सरकार आपके द्वार’ जैसा कोई कार्यक्रम भी है। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार 2 वर्षों से अपनी इस योजना को भूल कर बैठी थी। जिस सरकार को अपनी ही घोषणाएं याद न रहें, वह जनता की समस्याएं क्या याद रखेगी?

प्रतुल शाहदेव ने कहा की सबसे पहले हेमंत सोरोन सरकार को श्वेत पत्र जारी करके बताना चाहिए कि “सरकार आपके द्वार” के पहले तीन चरणों में आए हुए डेढ़ करोड़ से ज्यादा आवेदनों का क्या हुआ? 2021 में 35.95 लाख आवेदन, 2022 में 55.44 लाख आवेदन, 2023 में 58.26 लाख आवेदन आए थे, लेकिन सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि कितने आवेदकों को न्याय मिला? ऐसा लगता है कि “सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम सिर्फ एक रिसीविंग देने का जरिया बन गया है।

उन्होंने बताया कि पहले तीन चरणों में सबसे ज्यादा शिकायतें जमीन से संबंधित आए थे, लेकिन इस सरकार में तो अंचल कार्यालय लूट का अड्डा बन गए हैं। जिस सरकार में अंचल कार्यालय की बोली लगती हो वहां जनता को न्याय कहां से मिलेगा?

प्रतुल ने कहा ऐसा प्रतीत होता है कि ‘सरकार आपके द्वार’ नहीं बल्कि सरकार की एक फोटो-अपॉर्चुनिटी’ बनकर रह गई है। उन्होंने कहा कि ” सरकार आपके द्वारा” कार्यक्रम के तहत जमा किए गए डेढ़ करोड़ आवेदनों पर धूल जम रहा है। काम शून्य दिख रहा है। सरकार कैमरे के सामने मुस्कुराने में व्यस्त है। आवेदक अपनी पुरानी समस्याओं से ही घिरे हुए हैं। दो साल बाद जागी सरकार को अब जनता जवाब देगी कि झारखंड में ‘गजनी गवर्नेंस’ नहीं चलेगा।————–