देव जगे, मांगलिक कार्य शुरू, शादियों की धूम

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जोधपुर, 01 नवम्बर । कार्तिक मास की शुक्ल एकादशी, जिसे देवउठनी एकादशी या प्रबोधिनी एकादशी कहा जाता है। इस वर्ष आज मनाई गई। वैदिक पंचांग के अनुसार यह तिथि आज सुबह 9.11 बजे आरंभ हुई जो दो नवंबर को सुबह 7.31 बजे तक रहेगी। इस आधार पर व्रत एवं पूजन आज किया गया।

धर्म शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं और इसके साथ ही मांगलिक कार्यों के द्वार खुल जाते हैं। इसी के साथ शहर में आज से मांगलिक कार्य शुरू हो गए है। देवउठनी एकादशी पर आज शादियों की धूम मची रही। सावों की धमचक के चलते मैरिज हॉल, बैंक्वेट हॉल, गार्डन बुक रहे। ब्यूटी पार्लरों पर दुल्हनों के मेकअप करवाने आने से काफी भीड़-भाड़ रही। देवउठनी एकादशी के अगले दिन द्वादशी तिथि पर तुलसी विवाह का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष द्वादशी तिथि दो नवंबर को सुबह 7.31 बजे से शुरू होकर 3 नवंबर सुबह 5.07 बजे तक रहेगी। इस दिन भगवान शालिग्राम और तुलसी का विवाह कराया जाता है।

कई जगहों पर हुए सामूहिक विवाह सम्मेलन

गायत्री देवी ट्रस्ट जोधपुर के तत्वावधान में सर्वजातीय सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन आज शिकारगढ़ क्षेत्र स्थित एक गार्डन परिसर में किया गया। ट्रस्ट के संस्थापक चन्द्रशेखर अरोड़ा ने बताया कि इस सिया-राम परिणय महोत्सव में विभिन्न समाजों के 51 जोड़े पवित्र परिणय सूत्र में बंधे। समारोह का शुभारंभ सुबह हुआ। सुबह बारातें विवाह स्थल पर पहुंची जहां तोरण की रस्म संपन्न हुई। इसके पश्चात वरमाला समारोह आयोजित किया गया। पंडित विक्रम आर्य के आचार्यात्व में दोपहर मेंपाणिग्रहण संस्कार सम्पन्न हुआ। इसके बाद खोल भराई और अन्य मांगलिक कार्यक्रमों के साथ विदाई समारोह रखा गया। वहीं वैष्णव ब्राह्मण समाज संस्थान की ओर से देवउठनी एकादशी को सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन कायलाना रोड स्थित संबोधि धाम के पास सिंघवी भाईपा भवन में किया गया। संस्थान के सचिव हीरालाल वैष्णव ने बताया कि समारोह में 12 जोड़े परिणय सूत्र में बंधेे।

मेढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज का सामूहिक विवाह पांच को

श्रीगणपति मेढ़ जागृति एवं विकास समिति के तत्वावधान में मेढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज का समाज का पंचम सामूहिक विवाह एवं तुलसी विवाह समारोह पांच नवम्बर को आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन परिहार नगर क्षेत्र 80 फीट रोड स्थित बालाजी फार्म परिसर में होगा, जिसमें समाज के 11 जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे।