इस आईडी के 1.6 हजार फ्रेंड हो चुके हैं। यह आईडी हिंदी में बनाई गई है। गुप्ता ने अपनी पोस्ट में लिखा कि यह एक झूठी फेसबुक आईडी है और कोई फ्रॉड व्यक्ति उनके नाम का गलत प्रयोग कर रहा है। उन्होंने सभी से अपील की कि ज्यादा से ज्यादा लोगों द्वारा प्रोफाइल को रिपोर्ट किया जाए, ताकि किसी भी व्यक्ति को उनके नाम का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी करने से रोका जा सके।
दरअसल, हाल के दिनों में राजनीतिक हस्तियों और सार्वजनिक व्यक्तियों के नाम से फर्जी फेसबुक खातों की संख्या बढ़ी है, जिनका उपयोग फ्रॉड, गलत सूचना या बदनाम करने के इरादे से किया जा सकता है। ऐसे मामलों में फेसबुक, मेटा के प्लेटफॉर्म पर सीधे रिपोर्ट करने के साथ-साथ स्थानीय साइबर सेल या पुलिस शिकायत की भी सिफारिश की जाती है। पिछले दिनों झज्जर की पुलिस आयुक्त डॉ. राजश्री सिंह की भी फर्जी आईडी बना ली गई थी।
सुशील कुमार गुप्ता की पोस्ट पर समर्थकों व परिचितों ने भी फर्जी प्रोफाइल की निंदा की और लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया। मामले में अगर पीड़ित या पार्टी द्वारा आधिकारिक शिकायत दर्ज की जाती है, तो उससे संबंधित आगे की कार्रवाई और विवरण सामने आएंगे।