जानकारी के लिए बता दें कि ये कार्रवाई विश्व हिंदू परिषद और कन्हान बचाओ मंच के संयोजक मनीष बंटी साहू द्वारा विकासखंड शिक्षा अधिकारी, जुन्नारदेव को की गई शिकायत तथा 17 नवंबर 2025 को प्रकाशित समाचार के आधार पर की गई। इन शिक्षकों पर लगे आरोप धर्मांतरण के आरोप जिन अधिकारियों एवं शिक्षकों पर लगे हैं उन्हें हटाया गया है।
प्रभारी प्राचार्य अनिल कुमार सूर्यवंशी, उमाशा बिलावर कला की वरिष्ठ अध्यापक सीमा अहलाद, उमाशा बिलावर कला, आदिवासी बालक छात्रावास, बिलावरकला नरेंद्र उइके से स्पष्टीकरण मांगा गया। शिकायत में कहा गया है कि संकुल केंद्र के आसपास रहने वाले छात्रावास के छात्र-छात्राओं को इन तीनों द्वारा कथित रूप से धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा था। बताया गया है कि इस संबंध में ग्रामीणों ने थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई है।
शिकायत और मीडिया रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई दिनांक 24 अक्टूबर 2025 को की गई शिकायत में मंच ने आरोप लगाया कि यह पूरा कार्य प्राचार्य अनिल कुमार सूर्यवंशी की निगरानी में हो रहा था।
मामला 17 नवंबर 2025 को समाचार पत्र में प्रकाशित होने के बाद विभाग ने इस पर संज्ञान लिया। कथित गतिविधियों को कार्य के प्रति लापरवाही, उदासीनता और स्वेच्छाचारिता माना गया है, जो मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3(1)(क), (ख), (ग) का उल्लंघन माना गया है।
यह कदाचार की श्रेणी में आता है। विभाग ने मांगा तत्काल स्पष्टीकरण जनजातीय कार्य विभाग, छिंदवाड़ा के सहायक आयुक्त ने तीनों शिक्षकों से कहा है कि वे अपना लिखित उत्तर तुरंत प्रस्तुत करें। निर्देश में स्पष्ट उल्लेख है कि यदि उत्तर समाधान कारक नहीं पाया गया या समय पर प्रस्तुत नहीं किया गया, तो मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी और मामला वरिष्ठ कार्यालय को भेजा जाएगा।