उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम में वंदे मातरम् की ऐतिहासिक भूमिका, राष्ट्रवादी चेतना में इसके योगदान और युवा पीढ़ी में राष्ट्रभावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सुधांशु ओझा ने कहा कि 15 नवंबर को धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा। इसके बाद 150 से अधिक नागरिकों एवं वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का पूर्ण गायन होगा। उन्होंने बताया कि यह गीत 1875 में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने रचा था और 1896 में रवीन्द्रनाथ टैगोर ने इसका प्रथम वाचन किया था। 1950 में डॉ राजेन्द्र प्रसाद ने इसे राष्ट्रगीत का दर्जा प्रदान किया।
महानगर अध्यक्ष ने आगे बताया कि आगामी दिनों में वंदे मातरम ऐट दि रेट ऑफ 150 विषय पर प्रदर्शनी, संगोष्ठियां और विद्यालयों में निबंध, चित्रकला और कविता प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।
प्रेस वार्ता में जिला महामंत्री अनिल मोदी, जिला उपाध्यक्ष सह कार्यक्रम संयोजक बबुआ सिंह, जिला मीडिया प्रभारी प्रेम झा, उज्ज्वल सिंह और किशोर ओझा सहित अन्य उपस्थित थे।