इस जोड़े ने कई वर्ष पूर्व संकल्प लिया था कि जब तक रामलला का भव्य मंदिर निर्माण पूर्ण नहीं होगा, वे विवाह नहीं करेंगे। मंदिर निर्माण पूर्ण होने के बाद दोनों राम नगरी अयोध्या पहुंचे और रामलला को साक्षी मानकर पवित्र अग्नि के फेरे लेते हुए जीवनभर साथ निभाने का वचन दिया।
दूल्हे ने मंदिर परिसर में ही दुल्हन की मांग में सिंदूर भरकर वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। इस अवसर पर तमिलनाडु से आए करीब 350 श्रद्धालुओं के दल ने रामलला के दर्शन और पूजन कर नवदंपती को आशीर्वाद दिया।