अनुराग ठाकुर ने वीरवार काे एक बयान में कहा कि श्रमिक देश की प्रगति के आधार स्तंभ हैं और आत्मनिर्भर भारत व विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने वेतन संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य व कार्य शर्त संहिता 2020 को लागू करने का निर्णय लिया है। इन संहिताओं से श्रम कानून सरल और आधुनिक होंगे, उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और संगठित-असंगठित क्षेत्र के सभी कामगारों को अधिक सुरक्षा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि नई श्रम संहिताओं का उद्देश्य हर श्रमिक को सम्मान, सुरक्षा और समय पर वेतन सुनिश्चित करना है। इनमें वेतन की नई परिभाषा, न्यूनतम मजदूरी, समय पर भुगतान, नियुक्ति पत्र, एक वर्ष में ग्रेच्युटी, ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान, ट्रांसजेंडर सहित सभी वर्गों के लिए समान अधिकार, मुफ्त स्वास्थ्य जांच, कार्यस्थल सुरक्षा और इंस्पेक्टर राज समाप्त करने जैसे महत्वपूर्ण सुधार शामिल हैं। ठाकुर ने कहा कि नए प्रावधानों से जहां मजदूरों का शोषण रुकेगा, वहीं कंपनियों को भी अनावश्यक कानूनी जटिलताओं से राहत मिलेगी। यह आधुनिक और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण शुरुआत है।