हिसार के गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय व केरल के फ्यूचर स्कूल्ज, कोच्चि के बीच हुआ एमओयू

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: प्रो. नरसी राम बिश्नोई

हिसार, 1 नवंबर । गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय

के मुद्रण प्रौद्योगिकी विभाग और फ्यूचर स्कूल्ज, कोच्चि (केरल) के बीच एक महत्वपूर्ण

समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ है। गुजविप्रौवि की ओर से कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई

तथा फ्यूचर स्कूल्ज की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) प्रदीप कुलक्कडा ने एमओयू

पर हस्ताक्षर किए। गुजविप्रौवि के कुलसचिव डा. विजय कुमार, अंतरराष्ट्रीय मामलों के

अधिष्ठाता प्रो. ओमप्रकाश सांगवान व मुद्रण प्रौद्योगिकी विभाग की अध्यक्षा डॉ. वंदना

ने गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर कुलपति के तकनीकी सलाहकार प्रो. विनोद

छोकर व प्रो. नमिता सिंह उपस्थित रहे।

कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने शनिवार काे कहा कि यह समझौता विश्वविद्यालय

के विद्यार्थियों को उद्योग से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे उन्हें

व्यावहारिक अनुभव और अंर्तराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण प्राप्त होगा। इस एमओयू के माध्यम से गुजविप्रौवि के मुद्रण प्रौद्योगिकी

विभाग के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करने और अपनी

व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि इस एमओयू से फ्यूचर स्कूल्ज के सहयोग

से देश की अग्रणी प्रिंटिंग कंपनियों की आधुनिक सुविधाओं का उपयोग विश्वविद्यालय के

विद्यार्थियों को प्राप्त हो सकेगा। दोनों संस्थान एक-दूसरे के संसाधनों के बेहतर उपयोग

कर सकेंगे। दोनों संस्थान कौशल आधारित प्रशिक्षण, प्लेसमेंट, शिक्षा एवं शोध पर ध्यान

केंद्रित करेंगे। कुलसचिव डा. विजय कुमार ने कहा कि यह एमओयू दोनों संस्थानों के लिए

अत्यंत उपयोगी होगा।

सीईओ प्रदीप कुलक्कडा ने इस अवसर कहा कि फ्यूचर स्कूल्ज, कोच्चि एक अग्रणी

संस्था है जो मुद्रण उद्योग से जुड़े प्रशिक्षण एवं प्रमाणन कार्यक्रम संचालित करती

है। यह भारत में एफओजीआरए (एफओजीआरए) इंटरनेशनल का एकमात्र आधिकारिक साझेदार है, जो

अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रमाणन कार्यक्रम उपलब्ध कराता है। इसके अतिरिक्त

संस्था के बीआईएस, सीआईपी-4 और आईसीसी जैसी अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं से सहयोग हैं,

जिसके माध्यम से मुद्रण प्रौद्योगिकी विभाग को अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण मानक

प्राप्त होंगे।