रामानुजगंज में छठ पर्व की गूंज : व्रतधारियों की सुविधा के लिए खुलेगा कन्हर नदी का एनीकट गेट, जल संसाधन विभाग ने की पहल

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छठ पर्व को लेकर रामानुजगंज और आसपास के इलाकों में उत्साह चरम पर है। कन्हर नदी इस पर्व का प्रमुख केंद्र है, जहां हर साल हजारों की संख्या में महिलाएं और पुरुष डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देने पहुंचते हैं। दोनों ओर से छत्तीसगढ़ और झारखंड के श्रद्धालु एक साथ इस परंपरा को निभाते हैं, जिससे यह स्थान आस्था और एकता का प्रतीक बन गया है।

निरीक्षण के दौरान एसडीओ जी.आर. गेंडरे, एस.के. फुलेश्वर और उप अभियंता अनीता एक्का मौजूद रहे। अधिकारियों ने गेट की स्थिति देखी और जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। उनका कहना है कि अगले एक-दो दिनों में गेट खोले जाएंगे ताकि जल स्तर नियंत्रित रह सके और व्रतधारी सुरक्षित रूप से पूजा कर सकें। नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने भी विभागीय अधिकारियों से मुलाकात कर व्रतधारियों की परेशानी का मुद्दा उठाया था। उनकी पहल के बाद ही विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।

दोनों राज्यों के श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत

कन्हर नदी का यह तट छत्तीसगढ़ और झारखंड दोनों राज्यों के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। एक ओर छत्तीसगढ़ के श्रद्धालु तो दूसरी ओर झारखंड के गोदरमाना गांव के लोग यहां छठ व्रत करते हैं। ऐसे में गेट खुलने से दोनों तरफ के श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और नदी किनारे पूजा स्थल तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा।

प्रशासन की तैयारियां तेज

रामानुजगंज में छठ पर्व की तैयारियां जोरों पर हैं। नदी तटों की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और प्रकाश व्यवस्था पर प्रशासन विशेष ध्यान दे रहा है। विगत कई दशकों से यहां छठ पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है, और इस बार भी हजारों की भीड़ के आने की संभावना है।

रामानुजगंज की कन्हर नदी एक बार फिर छठ पर्व की आस्था से सराबोर होने को तैयार है। जल संसाधन विभाग के गेट खोलने के फैसले से श्रद्धालुओं में उत्साह है। यह कदम न सिर्फ व्यवस्था का प्रतीक है, बल्कि यह भी दिखाता है कि जब प्रशासन और समाज एक साथ काम करते हैं, तो आस्था और सुविधा दोनों का संगम संभव हो जाता है।