इस अवसर पर बीजेपी बिहार प्रदेश के मंत्री सह किसान मोर्चा के अध्यक्ष मनोज कुमार, भाजपा जिला अध्यक्ष साजन शर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष दिवाकर सिंह,शिव भूषण सिंह,शशिशेखर सम्राट, अमर ज्योति मौजूद रहे। सांसद श्री जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री के द्वारा 3 नवंबर को पटेल मैदान में ऐतिहासिक रैली होने जा रहा है। जिसके लिए सभी आवश्यक तैयारी पूरी कर ली गई है।उन्होंने बताया कि कोशी प्रमंडल के सहरसा सुपौल एवं मधेपुरा जिले के 11 विधानसभा क्षेत्र में संपर्क किया गया। वहीं प्रधानमंत्री की रैली में सभी 11 विधानसभा से एनडीए के सभी प्रत्याशी मौजूद रहेंगे।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की इस ऐतिहासिक रैली में एक लाख से अधिक लोग भाग लेंगे।उन्होंने कहा की कोशी क्षेत्र के लिए सौभाग्य की बात है कि बहुत दिनों के बाद प्रधानमंत्री का सहरसा आगमन हो रहा है।
रैली की तैयारी की नियमित काफी जगह पर भ्रमण करने के दौरान रैली को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। जो उत्साह लोगों में देखने को मिल रही है उससे सिद्ध हो रहा है कि एनडीए सभी सीटों पर विजय प्राप्त करेगी। सांसद ने कहा कि बिहार में जितने भी रैली हुई है उन सबों में सहरसा की रैली सर्वश्रेष्ठ व ऐतिहासिक रैली साबित होगी। उन्होंने लोगों से आग्रह करते हुए कहा कि अधिक से अधिक संख्या में आकर अग्रणी व विकसित बिहार बनाने में अपना सहयोग व मार्गदर्शन देकर प्रधानमंत्री के भाषण का लाभ उठाएं।उन्होने महागठबंधन पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि महागठबंधन में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है।यहां तक की घटक दलों के बीच आपस में टिकट का वितरण भी ठीक से नहीं हुआ है।एक दर्जन से अधिक सीटों पर वे लोग फ्रेंडली फाइट के नाम पर जनता को गुमराह कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि महागठबंधन में शामिल राजद के सिवा कोई दल ने अब तक अपना घोषणा पत्र जारी नहीं किया है। वहीं राजद द्वारा जो घोषणा पत्र जारी किया गया है। वह जनता की आंखों में धूल झोकने जैसा है। उन्होंने कहा कि राजद द्वारा प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, राज्य में संविदा पर कार्य कर रहे कर्मियों को सरकारी नौकरी का दर्जा देने, जीविका दीदियो को सरकारी नौकरी का दर्जा देने,200 यूनिट बिजली मुक्ति देने तथा ₹2500 प्रत्येक महिला को देने का वादा सहित अन्य बाते विरोधाभास से भरा हुआ है।महागठबंधन किसी तरह जनता की आंखों में धूल झोंक कर सत्ता प्राप्त कर फिर से जंगल राज कायम करना चाहती है जबकि बिहार की जनता ने विगत 15 वर्षों से एनडीए पर जो विश्वास व्यक्त किया है वह इस बार भी दोहराने का इतिहास बनायेगी।