कार में मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत

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अमेठी जिले के पीपरपुर थाना अंतर्गत रामगंज खरगीपुर निवासी आलोक कुमार तिवारी सीएचसी अखंडनगर पर बतौर चालक तैनात हैं। वे परिवार के साथ सीएचसी परिसर में ही सरकारी भवन में रहते भी हैं। उनकी पत्नी दमिनी तिवारी अखंडनगर में 102 एम्बुलेंस पर एमटी के पद कार्यरत हैं। बताया जा रहा है कि आलोक तिवारी का साढ़े तीन वर्षीय पुत्र आर्थव तिवारी शुक्रवार दोपहर

उनकी आर्टिगा कार की चाभी लेकर कमरे से 200 मीटर दूर हीरालाल मौर्या निवासी पाराबासूपुर के हाते में जाकर कार खोलकर बैठ गया।

बताया जा रहा है कि कार का शीशा बन्द था। उधर जब बच्चे की मां दमिनी तिवारी ड्यूटी से 3 बजे के आसपास लौटी तो बच्चे को घर में न पाकर वो उसे ढूढ़ने दौड़ पड़ी। लेकिन कहीं कोई जानकारी नहीं मिली। आलोक 102 एम्बुलेंस को लेकर मरीज लेने गए हुए थे।

लगभग चार बजे शाम को जब आलोक लौटे और अपनी कार के पास गए तो अंदर का मंजर देखकर वो हतप्रभ रह गए।

उनका बेटा कार में पड़ा हुआ था। तत्काल उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाया गया था जहां अधीक्षक डॉक्टर सतेन्द्र सिंह, डॉक्टर विष्णु स्वरूप यादव, डॉक्टर सुधीर कुमार बरनवाल आदि ने बच्चे को बचाने का काफी प्रयास किया। किंतु बच्चे को बचाया नहीं जा सका। सूचना पर थाना प्रभारी दीपक कुशवाहा निरीक्षक भी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। परिजनों ने किसी भी विधिक कार्रवाई से मना कर दिया। शव लेकर पैतृक गांव के लिए रवाना हो गए। बच्चे की मौत की बात सुनकर सभी स्तब्ध रह गए।