दो सगे भाइयों की हत्या का खुलासा, साले ने कराई थी भाड़े के शूटरों से हत्या

Share

मामले का खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक शहर आयुश श्रीवास्तव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित मोहम्मद कलीम (धनबाद निवासी) ने पूछताछ में बताया कि मारे गए शाहजहाँ (60) और जहाँगीर (45) उसके कारोबार का पैसा हड़प गए थे। जब उसने पैसा माँगा तो दोनों भाई उसके घर घुस आए और उसकी माँ को पीटकर बेइज्जत कर दिया। इसी अपमान का बदला लेने के लिए उसने खून से हिसाब बराबर करने की कसम खाई और हत्या की साजिश रच डाली।दूसरे आरोपी इन्तखाब (सोनभद्र निवासी) ने बताया कि यह योजना जिला कारागार जौनपुर में बंद कुख्यात अपराधी सिराज के इशारे पर बनी थी। वह उसका मामा है और जेल से ही मोबाइल नंबर चलाता था। यहीं से पैसों का लेन-देन और सुपारी का खेल होता था। तीसरे आरोपी मुअज्जम (जौनपुर निवासी) का भी मृतकों से कारोबार और जमीन को लेकर विवाद था। वह भी धोखे और हिस्सेदारी न मिलने से नाराज था। पुलिस पूछताछ में उसने खुलासा किया कि इससे पहले भी जहाँगीर को मुंबई में शूटरों के जरिए खत्म करने की कोशिश हुई थी, लेकिन शक हो जाने पर वह घर से निकलना बंद कर दिया था।

घटना वाली रात दोनों भाई शादी का कार्ड बांटकर लौट रहे थे। जैसे ही वे रामनगर के पास पहुँचे, घात लगाए हमलावरों ने गोलियों से भून डाला। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने आरोपितों के पास से दो मोबाइल फोन और 740 रुपये नगद बरामद किए। शनिवार सुबह करीब 5:25 बजे तरहटी मोड़ के पास से तीनों को दबोच लिया गया।